होटल बंद, मछलियों के दाम गिर
महिला विक्रेताओं की रोजी पर संकट
मालपे (उडुपी). वाणिज्यिक रसोई गैस की कमी का असर अब तटीय कर्नाटक के मछली कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस आपूर्ति में बाधा के कारण जहां मछुआरे गहरे समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मछली परोसने वाले अधिकांश होटल बंद होने से बाजार में मांग घट गई है। इसका सीधा असर मछली बेचने वाली महिलाओं की आजीविका पर पड़ा है।
पहले जहां होटल मालिक रोजाना लाखों रुपए की मछली खरीदते थे, अब वे बाजार से दूर हैं। इससे मछली विक्रेताओं का रोज का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मांग घटने के कारण पापलेेट, अंजल और झींगा जैसी महंगी मछलियों के दाम में 100 से 150 रुपए तक की गिरावट दर्ज की गई है।
उडुपी तालुक महिला मछली विक्रेता संघ की अध्यक्ष बेबी एच. साल्यान के अनुसार, गैस की कमी से मछली होटलों के बंद होने के कारण लगभग 40 प्रतिशत कारोबार घट गया है। अगर स्थिति ऐसी ही रही तो भारी नुकसान की आशंका है।
निर्यात भी प्रभावित
कार्गो सेवाएं बाधित होने से मछली निर्यात पर भी असर पड़ा है। मछली व्यापारी विनय कर्केरा के मुताबिक, झींगा, अंजल, पापलेट जैसी मछलियों का निर्यात रुक गया है। शीतगृहों में स्टॉक बढ़ता जा रहा है, लेकिन जहाज और कंटेनर नहीं मिलने से सप्लाई ठप है।

