तुंगभद्रा की कृपा, झीलों में पानीहोसपेट तालुक के तलवारघट्टा स्थित विशाल पंप।

होसपेट (विजयनगर). पापिनायकनहल्ली लिफ्ट सिंचाई परियोजना पूरी तरह से विफल हो गई है। तुंगभद्रा नदी ने इस साल झीलों में पानी न आने के आरोपों का खंडन किया है और अब 16 झीलों में पानी आ रहा है।

लोगों ने बताया कि पिछले साल, विधायक एच.आर. गवियप्पा ने जोर देकर कहा था कि भरपूर बारिश के कारण झीलों में पानी छोडऩा चाहिए और उन्होंने इसे पूरा किया था। 14 झीलें इससे भर गईं थी। 60 प्रतिशत वर्षा जल से और 40 प्रतिशत पंपिंग से झीलें भर गईं थी। इस बार भी स्थिति यही है। दो-तीन अतिरिक्त झीलों को पानी से भरने के प्रयास किए जा रहे हैं। पांच झीलों के मामले में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं।

सूखे से खुशहाली की ओर

पी.के. हल्ली लिफ्ट सिंचाई परियोजना पूर्व मंत्री आनंद सिंह का सपना है। यह परियोजना 2023 में लगभग पूरी हो जानी थी परन्तु उस वर्ष भारी बारिश के कारण तुंगभद्रा बांध नहीं भर पाया, जिससे तलवारघट्टा जैक्वेल को पानी नहीं मिला था। जुलाई के तीसरे सप्ताह 2024 में तुंगभद्रा जलाशय भर गया था और बांध से पानी छोड़ा गया था। इससे झीलों में पानी छोडऩा संभव हो पाया था। इस बार भी मानसून जल्दी शुरू हुआ और 1 जुलाई से ही बांध से पानी आना शुरू हो गया, और वर्तमान में नदी में 26 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है।

भूजल स्तर भी बढ़ेगा

वड्डरहल्ली के किसान कोट्रप्पा ने कहा कि इसी तरह 15 दिन और पानी बहता रहा, तो हमारी झील भर जाएगी, जिससे आसपास के इलाके का भूजल स्तर भी बढ़ेगा। विधायक और अधिकारियों का धन्यवाद।

पावागढ़ जैसी एक और परियोजना के लिए दबाव

इस बार अच्छी बारिश के कारण जलाशय का पानी एक महीने से ज्यादा समय से तलवारघट्टा जाक्वेल में बह रहा है, इसलिए झीलें भर रही हैं। मैंने मुख्यमंत्री को होसपेट तालुक की सभी झीलों को भरने के लिए पावगढ़ परियोजना की तरह जलाशय के बैकवाटर से पानी खींचने की तर्ज पर एक और अलग परियोजना की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है। मुझे उम्मीद है कि इसे मंज़ूरी मिल जाएगी। ऐसा होने पर 6 महीने तक लगातार पानी खींचना संभव होगा और जलाशय के पास होसपेट तालुक के अन्य स्थानों पर भी पानी प्रचुर मात्रा में होगा।
एच.आर. गवियप्पा, विधायक

इस बार ज्यादातर झीलें भर जाएंगी

तलवारघट्टा जैक्वेल पंप हाउस में 1,140 हॉर्सपावर के 5 पंप हैं और वर्तमान में पानी उठाने के लिए चार पंप संचालित किए जा रहे हैं। एक पंप अतिरिक्त रखा गया है और चूंकि नदी में पानी अच्छी तरह बह रहा है, इसलिए उम्मीद है कि इस बार ज्यादातर झीलें भर जाएंगी।
एल. धर्मराज, सहायक कार्यकारी अभियंता, कर्नाटक सिंचाई निगम

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *