किसानों ने किया प्रदर्शन
92 गांवों के 117 तालाबों को पानी देने की योजना 9 साल बाद भी अधूरी
2 अप्रेल तक काम पूरा करने की चेतावनी
हलियाल (उत्तर कन्नड़). काली नदी से तालुक के तालाबों को भरने वाली लिफ्ट सिंचाई परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग को लेकर सोमवार को किसान संघ के नेतृत्व में हलियाल बंद कर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। किसानों ने शिवाजी सर्कल से शहर की प्रमुख सडक़ों पर रैली निकालते हुए बाद में सडक़ जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि काली नदी से हलियाल तालुक के 92 गांवों के 117 तालाबों को भरने के लिए बाएं और दाएं तट की नहरों का निर्माण किया जाना था, लेकिन 2017 में शुरू हुआ यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। करीब 9 वर्ष बीत जाने के बावजूद परियोजना कछुए की गति से चल रही है, जिससे क्षेत्र के किसान पानी के अभाव में भारी नुकसान झेल रहे हैं।
किसानों ने मांग की कि जिन गांवों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके तालाबों तक भी लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए एक समग्र सिंचाई योजना का डीपीआर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मुख्य रूप से वर्षा आधारित खेती होती है और पानी की कमी के कारण विशेष रूप से गन्ना सहित कई फसलों की खेती प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन सुबह से शाम तक जारी रहा। दोपहर में तहसीलदार फिरोज शाह सोमनकट्टी और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने किसानों को परियोजना की स्थिति के बारे में जानकारी दी, लेकिन किसानों ने निर्धारित समय सीमा के साथ लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद तहसीलदार कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई।
हालांकि अधिकारियों के समझाने के बावजूद किसान पीछे नहीं हटे और 2 अप्रेल तक तालाबों में पानी भरने की योजना का उद्घाटन करने की समय सीमा तय करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर तालुक के विभिन्न सरकारी विभागों तथा विधायक के घर का घेराव किया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य किसान संघ के अध्यक्ष चिन्नप्पा पूजारी, सचिव महेश सुबेदार, नागेंद्र जिवोजी, कुमार बोबाटी, सुरेश शिवण्णवर, अशोक मेटी, शंकर काजगार सहित कई किसान नेताओं ने किया।

