मार्च से बढ़ी गर्मी, दोपहर में बाहर निकलने से बचेंसांदर्भिक फोटो।

आईएमडी ने दी चेतावनी, बच्चों-बुजुर्गों पर असर ज्यादा

मेंगलूरु. मार्च की शुरुआत के साथ ही कर्नाटक में गर्मी का असर तेज होने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।

उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के बेंगलूरु शहरी व ग्रामीण, कोलार और चिक्कबल्लापुर जिलों में 3 से 6 दिनों तक लू जैसे हालात बन सकते हैं।

आईएमडी ने कहा कि उच्च तापमान का असर खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर गंभीर पड़ सकता है। विभाग ने हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और लू से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है।

जरूरी सावधानियां

दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। प्यास न लगे तब भी पर्याप्त पानी पिएं। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
धूप से बचाव के लिए चश्मा, छाता/टोपी और जूते पहनें। दोपहर में अधिक मेहनत वाले काम या बाहरी गतिविधियां टालें। यात्रा के दौरान पानी साथ रखें, शराब और कार्बोनेटेड पेय से बचें। नींबू पानी, छाछ, ओआरएस और मौसमी फल-सब्जियां जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर और नारियल पानी का सेवन करें।

हीट स्ट्रोक के लक्षण

तेज बुखार, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन, अत्यधिक पसीना या बेहोशी। ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत छायादार जगह ले जाएं, शरीर पर गीला कपड़ा रखें और डॉक्टर से संपर्क करें। गर्मी के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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By Bharat Ki Awaz

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