यूट्यूब वीडियो प्रसारण के आधार पर दर्ज एफआईआर पर सुनवाई; जांच और कार्रवाई पर रोक
मेंगलूरु. दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर में यूट्यूब चैनल पर प्रसारित वीडियो में कथित रूप से धार्मिक समुदायों के खिलाफ नफरत भरी बातें करने के आरोप में आरएसएस नेता डॉ. कल्लड़्क प्रभाकर भट्ट के खिलाफ दर्ज मामले पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।
भट्ट द्वारा अभियोजन के खिलाफ दायर याचिका पर एकल न्यायाधीश एम. नागप्रसन्ना की पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने कहा कि यह मामला प्रभाकर भट्ट द्वारा भाषण दिए जाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से संबंधित है।
हाईकोर्ट के निर्देश
न्यायपीठ ने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट के मामलों में तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। इनमें विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी को नोटिस जारी कर सुनवाई के बाद ही गिरफ्तारी की अनुमति दी जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में इस प्रक्रिया को स्पष्ट किया है।
इसी आधार पर, सत्येंद्र कुमार अंटिल मामले के निर्णय का हवाला देते हुए कोर्ट ने प्रभाकर भट्ट के खिलाफ चल रही सभी जांच और कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
मामले की पृष्ठभूमि
12 जनवरी 2026 को पुत्तूर में विवेकानंद जयंती कार्यक्रम के दौरान प्रभाकर भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने मुस्लिम और ईसाई समुदायों के खिलाफ नफरत फैलाने वाला भाषण दिया। उनका यह भाषण बाद में टिवी यूट्यूब चैनल पर प्रसारित हुआ।
इस भाषण के आधार पर प्रभाकर भट्ट, यूट्यूब और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
भट्ट ने इस मामले को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर अब अदालत ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

