गर्मियों में पानी को लेकर सतर्कता
कृष्णा नदी में 2.85 टीएमसी पानी
प्रशासन ने कहा- फिलहाल संकट नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी
रबकवि-बनहट्टी (बागलकोट). गर्मी का मौसम करीब आते ही क्षेत्र में जलस्तर को लेकर चिंता बढऩे लगी है। तालुक के अधिकांश लोग कृष्णा नदी के पानी पर निर्भर हैं। नदी में सोमवार को लगभग 2.85 टीएमसी पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन 3.88 टीएमसी पानी संग्रहित था।
विशेषज्ञों के अनुसार अभी गंभीर जलसंकट की आशंका नहीं है, लेकिन यदि हिप्परगी जलाशय से आगे के क्षेत्रों के लिए पानी छोड़ा गया तो स्थिति बदल सकती है। फिलहाल जलाशय से प्रतिदिन करीब 0.07 टीएमसी पानी कम हो रहा है। एक ओर लोगों की दैनिक जरूरतें और दूसरी ओर तेज गर्मी के कारण जलस्तर तेजी से घट रहा है। इसी गति से पानी कम होता रहा तो मई के दूसरे सप्ताह तक जलाशय खाली होने की आशंका जताई जा रही है।
हर साल गर्मियों में हिप्परगी जलाशय से जामखंडी क्षेत्र के लिए करीब 0.5 टीएमसी पानी छोड़ा जाता है। इस वर्ष गेट नंबर-22 में हुए हादसे के कारण करीब 2 टीएमसी पानी व्यर्थ बह गया, जिससे जलाशय के आसपास के गांवों और किसानों के लिए भविष्य में पेयजल संकट की संभावना बनी हुई है।
फिलहाल रबकवि-बनहट्टी शहर में पानी की समस्या नहीं है। नगर परिषद ने कृष्णा नदी से जैकवेल के जरिए पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की है। साथ ही विभिन्न वार्डों में 300 से अधिक बोरवेल और 13 खुले कुओं का उपयोग करने की तैयारी की गई है।
तहसीलदार गिरीश स्वादी ने बताया कि अभी तालुक में पानी की कोई कमी नहीं है और संभावित संकट से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
हिप्परगी के सहायक अभियंता वी.एस. नायक ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर घटने के मद्देनजर पानी का उपयोग सावधानी से करें, ताकि गर्मियों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

