किराए के मकान में चल रहा हॉस्टल
गजेंद्रगढ़ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रावास योजना में देरी
हर महीने हजारों रुपए किराए में खर्च
गजेंद्रगढ़ (गदग). निर्धारित समय में छात्रावास भवन का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण गजेंद्रगढ़ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का डी. देवराज अरसु पोस्ट-मैट्रिक बालिका छात्रावास अभी भी किराए के भवन में संचालित हो रहा है। इससे एक ओर सरकारी धन किराए के रूप में खर्च हो रहा है, वहीं छात्राएं अपेक्षित सुविधाओं से वंचित हैं।
यह छात्रावास वर्ष 2009 में शहर के सिद्धारूढ़ मठ के पास स्थित कंबल्याल के भवन में शुरू किया गया था। बाद में इसे कुष्टगी रोड स्थित उर्दू स्कूल के पास होनवाड के किराए के भवन में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में यहां पीयूसी, डिप्लोमा और पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रही विभिन्न गांवों की 156 छात्राएं रह रही हैं। इस भवन के लिए सरकार हर महीने लगभग 49,500 रुपए किराया दे रही है।
छात्रावास के लिए कुष्टगी रोड पर संगनाल के प्लॉट में 1238 वर्ग मीटर भूमि पर लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से नया भवन बनाया जा रहा है। कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड द्वारा दो चरणों में निर्माण कार्य किया जा रहा है। पहले चरण का काम 18 मार्च 2023 से 20 सितंबर 2025 तक और दूसरे चरण का काम 1 जनवरी 2025 से 20 मई 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है।
प्रस्तावित भवन में रसोईघर, स्टोर रूम, छात्राओं के कमरे, भोजन कक्ष, शौचालय, स्नानगृह, पुस्तकालय, कार्यालय और चारदीवारी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। इसके बावजूद काम अधूरा रहने से छात्रावास अभी भी किराए के भवन में चल रहा है।
गजेंद्रगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों की संख्या अधिक है और गजेंद्रगढ़, यलबुर्गा तथा कुष्टतगी तालुकों के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र पढऩे आते हैं। बस सुविधा सीमित होने के कारण ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए छात्रावास अत्यंत आवश्यक है।
छात्रावास की छात्रा अश्विनी वी.जी. का कहना है कि किराए के भवन में कमरे छोटे हैं और कॉलेज जाने में भी दूरी अधिक है। नया भवन शुरू होने पर पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब जैसी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रावास भवन का निर्माण जल्द पूरा कर उसे शुरू करना चाहिए।
वहीं एसएफआई जिला अध्यक्ष चंद्रु राठोड़ ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू हुए तीन-चार वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी काम पूरा नहीं हुआ। इससे विभाग और निर्माण एजेंसी की लापरवाही स्पष्ट होती है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के उपनिदेशक मुहम्मद तुम्रीमठ ने बताया कि दूसरे चरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और इस संबंध में विभागीय आयुक्त को भी जानकारी दी जाएगी।

