मुंडगोड में सप्लाई ठप, कई होटल लकड़ी के चूल्हे पर लौटे
फास्ट फूड दुकानें बंद
मुंडगोड (उत्तर कन्नड़). वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने से कस्बे में होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि कई होटल संचालक अब मजबूरी में लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेकर खाना तैयार कर रहे हैं, जबकि सडक़ किनारे चलने वाले फास्ट फूड के अस्थायी ठेले एक-एक कर बंद हो रहे हैं।
जिन होटल मालिकों के पास पर्याप्त जगह है और पहले से पारंपरिक चूल्हे की व्यवस्था थी, वे किसी तरह काम चला रहे हैं। लेकिन अधिकांश होटल संचालकों के पास न तो नई भट्टी बनाने की जगह है और न ही लकड़ी से खाना पकाने की सुविधा, जिससे वे सिलेंडर के बिना परेशान हैं।
स्थिति को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। कई उपभोक्ता भविष्य में और अधिक संकट की आशंका से अभी से गैस गोदामों के बाहर कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि, ओटीपी के बिना सिलेंडर जारी नहीं किए जाने के कारण उन्हें खाली सिलेंडर लेकर वापस लौटना पड़ रहा है।
इंदूर गांव के फकीरेश ने बताया कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की मांग कम थी और लोग अतिरिक्त सिलेंडर जरूरतमंदों को दे देते थे। लेकिन अब ग्रामीण भी शहर के गोदामों तक पहुंचकर सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं। कुछ लोग अधिक कीमत देने की पेशकश भी कर रहे हैं, बावजूद इसके बिना ओटीपी सिलेंडर नहीं मिल रहा।
गैस आपूर्ति में आई इस बाधा ने न केवल होटल कारोबार को प्रभावित किया है, बल्कि आम जनजीवन पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

