जारों में रौनक, मूर्तियों पर सख्ती
हुब्बल्ली. वाणिज्यिक नगरी हुब्बल्ली गणेशोत्सव के उल्लास में सराबोर हो गई है। शहर की गलियों और चौकों में सजे-धजे पंडाल, रोशनी और फूलों की महक ने त्यौहार का रंग और गाढ़ा कर दिया है। घर-घर और सार्वजनिक पंडालों में गणपति की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों में मिट्टी और धातु की गणेश प्रतिमाओं की बिक्री जोरों पर है। वहीं, प्रशासन ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी प्रतिमाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक 300 से अधिक मूर्तियां जाब्त की हैं। प्रतिमा खरीदने वालों को अनिवार्य रूप से रसीद लेना-देना होगा।
सार्वजनिक गणेशोत्सव
हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम क्षेत्र में कुल 940 सार्वजनिक पंडालों में गणपति प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इनमें हुब्बल्ली में 662 और धारवाड़ में 278 पंडाल शामिल हैं। घर-घर में भी प्रतिमा स्थापना की धूम है।
भव्य पंडाल और विशेष आकर्षण
स्टेशन रोड, नवनगर, विद्यनगर सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में पौराणिक व सामाजिक विषयों पर आधारित आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं। सराफगट्टी मंडल ने 121 किलो चांदी की प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान किया है। वहीं, हुब्बल्ली का राजा, हुब्बल्ली का महाराजा और सप्त सम्राट पंडालों में 25 फीट ऊंची प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होंगी।
विसर्जन की तैयारी
नगर प्रशासन ने 18 प्रमुख बावडियों में विसर्जन की व्यवस्था की है। बावडियों की सफाई के साथ बिजली, पानी, हाइड्रोलिक मशीन व क्रेन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
त्यौहार को शांति व सौहार्द के माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस ने सख्त सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
5000 पुलिसकर्मी तैनात, 3000 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, 150 संवेदनशील और 78 अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, 6000 असामाजिक तत्वों को तडिपार किया गया है।
डीजे बजाने का समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही निर्धारित किया गया है। प्रतिमा विसर्जन भी रात 10 बजे तक पूरा करना अनिवार्य होगा।
साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल
हुब्बल्ली में गणेशोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण हिंदू-मुस्लिम एकता है। कई इलाकों, जैसे – बिड्नाल व प्रियदर्शिनी कॉलोनी में दोनों समुदाय मिलकर पंडाल सजाने से लेकर विसर्जन तक की जिम्मेदारी उठाते हैं।
अधिकारियों के बयान
पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
महानगर निगम आयुक्त रुद्रेश घाली ने कहा कि विसर्जन स्थलों की साफ-सफाई, पानी-बिजली और अन्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है।
मुख्य आंकड़े (हुब्बल्ली-धारवाड़)
– सार्वजनिक गणेश पंडाल: 940
– पुलिस बल तैनात: 5000
– सीसीटीवी कैमरे: 3000
– गडिपार किए गए असामाजिक तत्व: 6000
– संवेदनशील क्षेत्र: 150
– अति संवेदनशील क्षेत्र: 78
– विसर्जन स्थल: 18