गौ-उत्पादों के बढ़ते उपयोग से संरक्षण होगा आसान: डॉ. प्रसादमधुरा कॉलोनी में आयोजित ‘घर-घर देशी गाय का दूध’ एवं ‘गौ-सेवा’ विशेष योजना की शुरुआत करते डॉ. सी.एच.वी.एस.वी. प्रसाद।

देशी गायों के संरक्षण के लिए ‘घर-घर दूध’ योजना शुरू

हुब्बल्ली. शहर में देशी गायों के संरक्षण और शुद्ध दूध की उपलब्धता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘घर-घर देशी गाय का दूध’ एवं ‘गौ-सेवा’ विशेष योजना की शुरुआत की गई। मधुरा कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर डॉ. सी.एच.वी.एस.वी. प्रसाद ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले देशी गाय के दूध का सेवन समाज के लिए अत्यंत लाभकारी है। यदि दूध के साथ-साथ अन्य गौ-उत्पादों का उपयोग भी बढ़े, तो देशी नस्ल की गायों का संरक्षण और संवर्धन सहज हो सकता है।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि प्राचीन काल में किसी राज्य की समृद्धि का आकलन वहां की गौ-सम्पदा से किया जाता था। ऋषि-मुनियों द्वारा भी गौ-दुग्ध के सेवन से दीर्घायु और स्वस्थ जीवन जीने के उदाहरण मिलते हैं।

डॉ. प्रसाद ने कहा कि यह योजना किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देशी गायों के संरक्षण के दृष्टिकोण से शुरू की गई है। समाज यदि गौ-उत्पादों को अपनाएगा, तो एक स्वस्थ और सशक्त व्यवस्था का निर्माण संभव होगा।

कार्यक्रम में सान्निध्य प्रदान करते हुए अभिनव शांतलिंग शिवाचार्य महास्वामी ने कहा कि दूध की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए और अधिक देशी गायों का पालन किया जाएगा।

गौ-सेवा गतिविधि के उत्तर कर्नाटक प्रांत संयोजक दत्तात्रेय भट्ट ने योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तेजस गोकाक ने इस पहल को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन गौ-सेवा गतिविधि के कोषाध्यक्ष भरत जैन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन धारवाड़ विभाग संयोजक राम पारीक ने किया।

इस अवसर पर दुदाराम चौधरी, बाबाराव घंटसाल और हरिभाई सुतार उपस्थित थे।

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