पार्थ जिंदल ने कहा
केसीसीआई स्थापना दिवस, छः जनों को वाणिज्य रत्न पुरस्कार प्रदान
हुब्बल्ली: जेएसडब्ल्यू सीमेंट के प्रबंध निदेशक पार्थ जिंदल ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत को ‘मरी हुई’ अर्थव्यवस्था कहकर की गई आलोचना उचित नहीं है। भारत आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है और आने वाले दिनों में विश्व की एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के तौर पर उभरेगा।
वे शहर के अमरगोल एपीएमसी के बहुउद्देश्यीय प्रदर्शनी सभागार में शनिवार देर शाम को आयोजित कर्नाटक वाणिज्य एवं उद्योग संस्था के 97वें स्थापना दिवस और वाणिज्य रत्न पुरस्कार प्रदान समारोह का उद्घाटन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत में उत्पादन क्षेत्र में प्रगति के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद है। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में अधिक निवेश होना चाहिए। हर वर्ष 10 लाख नौकरियां सृजित होनी चाहिए। देश की 70 प्रतिशत आबादी युवा है और सभी को रोजगार मिलना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो 2047 तक हम एक विकसित भारत को देख सकते हैं।
पार्थ जिंदल ने कहा कि जिंदल कंपनी के लिए उत्तर कर्नाटक एक सौभाग्यशाली स्थान है। हम शिक्षा और उद्योग के क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की दिशा में अग्रसर हैं। हमारी कंपनी अन्य उद्योगपतियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। नई पीढ़ी के युवाओं में उद्योग की ओर रुझान उत्पन्न होना चाहिए। जितने अधिक उद्योग स्थापित होंगे, उतने ही अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे। इससे देश की अर्थव्यवस्था भी प्रगति करेगी। बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
केसीसीआई के उपाध्यक्ष संदीप बिदासरिया ने संस्था की यात्रा, उसकी भूमिका और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
वाणिज्य रत्न पुरस्कार प्रदान कर किया सम्मानित
इसी अवसर पर उद्योगपतियों जयंत हुंबरवाड़ी, प्रकाश बाफना, रविंद्रकुमार बेकनाल, शरणबसप्पा गुडिमनी, सिद्धण्णा नालवाड, देवकी योगानंद को वाणिज्य रत्न पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
केसीसीआई की सलाह व सुझाव’:
केसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शंकरण्णा मुनवल्ली ने कहा कि 1 अगस्त 1928 को स्थापित कर्नाटक वाणिज्य एवं उद्योग संस्था आज राज्य स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहचान बना चुकी है। यह संस्था राज्य के 23 जिलों के सदस्यों को सम्मिलित करने वाली सबसे बड़ी संस्था है, फिर भी कुछ लोगों में यह गलत धारणा है कि यह केवल हुब्बल्ली तक सीमित है। टैक्स, पानी शुल्क सहित सभी समस्याओं पर संस्था आवाज उठाकर उचित सलाह व सुझाव प्रदान करती है।
संस्था के संयुक्त सचिव महेंद्र सिंघी, सी.बी. पाटील, शंकरण्णा बी.डी. लिंगनगौडर, एम.सी. हिरेमठ, वसंत लदवा, रमेश पाटील, महेंद्र लद्दड़, विनय जवली आदि उपस्थित थे।