बिना अनुमति गिराए जा रहे पेड़
प्रशासन और वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल
हावेरी. जिले में सरकारी भूमि, सार्वजनिक सडक़ों और अन्य स्थानों पर बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के मामले बढ़ते जा रहे हैं। एक-एक कर पेड़ गिराए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निकाय और वन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई से पीछे हटने के आरोप लग रहे हैं।
हावेरी और राणेबेन्नूर नगर परिषद क्षेत्र में वर्षों पहले लगाए गए पेड़ आज छायादार और पक्षियों के आश्रय बन चुके हैं। बावजूद इसके, कुछ लोग मनमाने ढंग से इन्हें काट रहे हैं। नियमों के अनुसार सरकारी भूमि पर स्थित पेड़ों की कटाई के लिए स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की पूर्व अनुमति अनिवार्य है तथा वन अधिकारियों की उपस्थिति में ही कटाई की जा सकती है। कड़े प्रावधानों के बावजूद इनका उल्लंघन हो रहा है।
आरोप है कि सडक़ किनारे निर्माण कर रहे भवन स्वामी अपने प्रतिष्ठान की दृश्यता बढ़ाने के लिए सामने के पेड़ कटवा रहे हैं। बसवेश्वर नगर में जिलाधिकारी कार्यालय मार्ग पर स्थित ‘सज्जनर पैराडाइज’ बहुमंजिला इमारत के सामने एक विशाल पेड़ को कथित रूप से इसी कारण काट दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नामपट्टिका दिखाई न देने के कारण पेड़ हटाया गया।
नागरिकों का आरोप है कि सुभाष रोड पर भी हाल में एक पेड़ काटकर उसके अवशेष सडक़ पर छोड़ दिए गए, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। अधिकारी रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं की गई।
नगर पालिका आयुक्त एच. कांतराजु ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर पेड़ काटने के लिए अनुमति अनिवार्य है और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नगर विकास प्रकोष्ठ के परियोजना निदेशक सी. चंद्रप्पा ने भी बिना अनुमति कटाई पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद के निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और जिलाधिकारी डॉ. विजय महांतेश दानम्मनवर प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं। बावजूद इसके, अब तक ठोस कार्रवाई न होने से नागरिकों में रोष है।

