पतंजलि योग समिति का विशेष अग्निहोत्र
योग गुरु भवरलाल आर्य ने बताए आध्यात्मिक व स्वास्थ्य लाभ
कोप्पल. पतंजलि योग समिति और महिला पतंजलि योग समिति, कोप्पल जिला इकाई की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शहर के गविसिद्धेश्वर मठ हाई स्कूल परिसर में 108 हवन कुंडों के साथ विशेष अग्निहोत्र कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पतंजलि योग पीठ कर्नाटक के वरिष्ठ राज्य प्रभारी एवं अंतरराष्ट्रीय योग गुरु भवरलाल आर्य के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में 108 हवन कुंडों में सामूहिक अग्निहोत्र कराया गया। इस दौरान योग गुरु भवरलाल आर्य ने कहा कि योग और अग्निहोत्र एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पहले योग आम लोगों से दूर माना जाता था, लेकिन आज पूरी दुनिया इसे अपना रही है। इसी प्रकार अग्निहोत्र भी एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसे कोई भी व्यक्ति अपनाकर आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक लाभ प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि 12 मार्च को अंतरराष्ट्रीय अग्निहोत्र दिवस मनाया जाएगा और इस अवसर पर हर घर तक अग्निहोत्र पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। अग्निहोत्र से वातावरण शुद्ध होता है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है तथा प्राणायाम के साथ जड़ी-बूटियों के उपयोग से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिला साधकों अरुणा नरेंद्र और डॉ. कस्तूरी करमुडी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महिला पतंजलि योग समिति की कोप्पल जिला प्रभारी मीनाक्षी, कोप्पल तालुक प्रभारी माला वर्णेकर, पतंजलि योग समिति के सह राज्य प्रभारी शरणबसव चन्नल्ली, राज्य समिति सदस्य डॉ. एस. बी. हंड्राल, जिला प्रभारी रामगोपाल तपाडिय़ा, बसवराज अंगड़ी, दामोदर वर्णेकर, अनसूया अंगड़ी, इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष मधु शेट्टर, प्रगति महिला मंडली की जयश्री एलरत्ती सहित पतंजलि परिवार के कई सदस्य उपस्थित थे।

