दांडेली-हलियाल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और साहसिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
दांडेली (उत्तर कन्नड़). कर्नाटक के करावली क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। कानून, न्याय, मानवाधिकार एवं पर्यटन मंत्री एच.के. पाटिल ने कहा कि उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिले राज्य के पर्यटन क्षेत्र को सशक्त आधार प्रदान कर रहे हैं।
हलियाल में लोक निर्माण एवं पर्यटन विभाग की ओर से लगभग 7.98 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सम्मेलन केंद्र का उद्घाटन करते हुए पाटिल ने कहा कि करावली क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध विकास और प्रभावी प्रचार के माध्यम से और अधिक विस्तार दिया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि पर्यटन न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है, बल्कि कला, संस्कृति और इतिहास के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है। इसी दृष्टिकोण से इस वर्ष के बजट में प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 100 सुसज्जित डॉर्मिटरी निर्माण का प्रावधान किया गया है।
उत्तर कन्नड़ के लिए विशेष योजनाएं
सरकार ने जिले के पर्यटन विकास के लिए अध्ययन समिति की रिपोर्ट को स्वीकृति दे दी है, जिसे अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके तहत हलियाल और दांडेली में उद्यान निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए, कैसल रॉक नेचर कैंप और रॉक पर्यटन विकास के लिए 50-50 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं। साथ ही, मुरुडेश्वर, गोकर्ण और कारवार के समुद्र तटों पर जल साहसिक खेल शुरू करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
इस अवसर पर विधायक आर.वी. देशपांडे ने कहा कि पर्यटन और उद्योगों के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जो बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं के समाधान में सहायक होंगे।
जिलाधिकारी के. लक्ष्मी प्रिया ने कहा कि लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से दो चरणों में बने इस सम्मेलन केंद्र में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ आमजन को लेना चाहिए। कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मैजिक शो आयोजित किए गए तथा कुछ विद्यालयों को स्मार्ट क्लासरूम भी प्रदान किए गए हैं।

