‘खोटानोट’ चंद्रु का फर्जी डबलिंग रैकेट बेनकाब‘खोटानोट’ चंद्रु को चित्रदुर्ग न्यायालय ले जाते हुए पुलिस कर्मी।

चित्रदुर्ग में 32 केस दर्ज

दक्षिण भारत के कई राज्यों में फैलाया जाल

करोड़ों की ठगी का आरोप

चित्रदुर्ग. ‘खोटानोट’ (जाली नोट) चंद्रु के नाम से कुख्यात चंद्रशेखर उर्फ चंद्रु द्वारा संचालित डबलिंग-ट्रिब्लिंग ठगी का जाल अब पूरे दक्षिण भारत में फैला होने का खुलासा हुआ है। अकेले चित्रदुर्ग शहर में ही उसके खिलाफ 32 मामले दर्ज हैं, जबकि राज्य और अन्य राज्यों को मिलाकर यह संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2000 से 2026 तक शहर थाना में 26, बडावणे थाना में 2 और किले थाना में 4 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा बेंगलूरु, तुमकूरु, कलबुर्गी, बागलकोट, विजयपुर समेत कई जिलों में भी केस दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि कर्नाटक के अलावा केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में भी व्यापारी, उद्योगपति और आम लोग इस गिरोह के झांसे में आकर करोड़ों रुपए गंवा चुके हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चंद्रु के साथ उसका करीबी गिरोह भी सक्रिय है, जिसमें ‘मार’, ‘गोपी’, ‘गच्ची’ और ‘लक्ष्मी’ जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग बिना मेहनत के आलीशान जिंदगी जी रहे हैं और महंगी गाडिय़ों में घूमते हैं। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण कई मामले कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं।

एक पुराने मामले में 2004 में महाराष्ट्र के एक व्यापारी से 80 लाख रुपए की ठगी का खुलासा हुआ, जिसमें आरोपी पक्ष ने खुद को पुलिस बताकर धोखा दिया था। बताया जाता है कि मामले में उच्च स्तर तक सिफारिश होने के बावजूद पीडि़त को न्याय नहीं मिल सका।

वकील डी.एस. चंद्रप्पा ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कमजोर धाराएं लगाने और जांच में ढिलाई के कारण आरोपी बार-बार जमानत पर छूट जाता है।

इसी बीच, मुख्य आरोपी चंद्रशेखर को अतिरिक्त जिला एवं सिविल न्यायालय ने मंगलवार को जमानत दे दी।
जिला पुलिस अधीक्षक रंजीत कुमार बंडारू ने कहा कि पीडि़त बेझिझक आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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By Bharat Ki Awaz

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