महेश्वर शिवाचार्य स्वामी ने रजत सागर उत्सव-2026 में दिया संदेश
सागर को मिलेगा आधुनिक टैगोर सांस्कृतिक परिसर
विभूतियों को ‘सहृदय पुरस्कार’ से सम्मानित किया
सागर (शिवमोग्गा). केलदी राजगुरु हिरेमठ के महेश्वर शिवाचार्य स्वामी ने कहा कि जिस क्षेत्र में सहृदय लोगों की संख्या अधिक होती है, वहां शांति और सामंजस्य स्वत: स्थापित होता है। सहृदयता ही समाज को जोडऩे वाली सबसे बड़ी शक्ति है।
वे गांधी मैदान में सहृदय संघ की ओर से आयोजित रजत सागर उत्सव-2026 में विभिन्न क्षेत्रों के साधकों को ‘सहृदय पुरस्कार’ प्रदान कर संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सच्चे साधक कभी पुरस्कारों की तलाश में नहीं निकलते और न ही सम्मान की अपेक्षा से सेवा या साधना करते हैं। ऐसे व्यक्तित्वों को पहचानना और सम्मानित करना समाज की सहृदयता का परिचायक है।
सागर को मिलेगा आधुनिक रंगमंच
कार्यक्रम में विधायक गोपालकृष्ण बेलूर ने घोषणा की कि नगर के हृदय स्थल पर 12 करोड़ रुपए की लागत से टैगोर कल्चरल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सागर क्षेत्र में निरंतर सांस्कृतिक गतिविधियां हो रही हैं, जिससे एक सुसज्जित रंगमंच की आवश्यकता महसूस की जा रही है। शीघ्र ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।
विभूतियों को मिला सहृदय सम्मान
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए गोपालकृष्ण बेलूर, बी.एल. नागराज, वेणुगोपाल गुरुजी, बी.एल. सुरेश, मंजुनाथ, जे.एम. अमरेश यतगल, प्रसन्न कुमार और गोपाल एम. को ‘सहृदय पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सहृदय संघ के अध्यक्ष जी. नागेश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर जनपद अकादमी के पूर्व अध्यक्ष बी. टाकप्पा, के.एम. सूर्यनारायण, अनिता कुमारी, मधुमालती, शरावती सी. राव, चेतनराज कन्नूर और एन. संतोष कुमार उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत शांति हेगड़े की प्रार्थना से हुई। लोकेश कुमार ने स्वागत भाषण दिया, संतोष शेट ने धन्यवाद ज्ञापन किया और वी.टी. स्वामी ने मंच संचालन किया।
शारदांबा कला केंद्र की ओर से भरतनाट्यम, दैवज्ञ चिन्नर संघ की ओर से चंडे वादन, सागर कराटे स्कूल के विद्यार्थियों की ओर से कराटे प्रदर्शन तथा मनु हंदाडी की ओर से हास्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

