
पंचमसाली पीठ में बवाल
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से हटाया पीठाधिपति
अनियमितता के आरोपों से बढ़ा विवाद
हरिहर (दावणगेरे). वीरशैव लिंगायत पंचमसाली गुरु पीठ में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ ‘लेखा दो’ आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। पीठ परिसर में एकत्र हुए श्रद्धालुओं और समाज के नेताओं ने खर्चों का हिसाब देने तथा पीठाधिपति वचनानंद स्वामी को हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने पूर्व विधायक एचएस. शिवशंकर समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
लेखा मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन
सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ परिसर में जुटे और “धर्म का हिसाब दो” जैसे नारों के साथ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पीठ के धन का दुरुपयोग हुआ है और पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। संभावित विवाद को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।

ट्रस्ट की बैठक में बड़ा फैसला
इसी बीच, पीठ के ट्रस्टियों और धर्मदर्शियों की बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। समाज के राज्य अध्यक्ष बसवराज दिंडूर ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वसम्मति से वचनानंद स्वामी को पद से हटाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने और परंपराओं का पालन न करने के कारण यह कठोर लेकिन आवश्यक निर्णय लिया गया है।
3 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप
पीठ में विकास कार्यों के लिए मिले सरकारी अनुदान में करीब 3 करोड़ रुपए के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। इसी मुद्दे को लेकर पिछले कुछ महीनों से आंदोलन चल रहा था। समाज के कई प्रमुख नेताओं ने उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
स्वामी का पक्ष: आरोप निराधार
वहीं, वचनानंद स्वामी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका किसी भी वित्तीय लेन-देन से कोई संबंध नहीं है और वे समाज की सेवा में समर्पित हैं।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
मठ परिसर के आसपास एहतियातन निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

