7,934 पात्रों में से केवल 221 तक ही घर-घर पहुंचा राशन
पंजीकरण में भी उदासीनता
हुब्बल्ली. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से दिसंबर 2025 से शुरू की गई ‘अन्न सुविधा’ योजना को हुब्बल्ली जिले में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। वरिष्ठ नागरिकों को घर के दरवाजे तक राशन पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के प्रति लोगों की रुचि बेहद सीमित देखी जा रही है।
जिले की राशन व्यवस्था का परिदृश्य
जिले में अंत्योदय और बीपीएल श्रेणी को मिलाकर कुल 3,89,863 राशन कार्ड धारक हैं। इनके लिए 488 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है। ‘अन्न सुविधा’ योजना के तहत 7,934 वरिष्ठ नागरिकों को पात्र के रूप में चिन्हित किया गया, लेकिन इनमें से केवल 2,412 लोगों ने ही पंजीकरण कराया है। हैरानी की बात यह है कि अब तक मात्र 221 लाभार्थियों को ही घर-घर राशन की सुविधा मिल पाई है।
तहसीलवार असमान स्थिति
हुब्बल्ली तहसील में सर्वाधिक 1,428 पात्रों की पहचान की गई है, जबकि अलनावर में यह संख्या सबसे कम 243 है। कलघटगी में केवल 48 लोगों तक राशन पहुंचा है, वहीं अन्निगेरी में अब तक एक भी व्यक्ति इस योजना का लाभ नहीं उठा सका है, जो योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।
योजना का क्रियान्वयन कैसे होता है?
विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद हेग्गलगी के अनुसार, हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच पात्र व्यक्ति पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद 6 से 15 तारीख के बीच उचित मूल्य दुकानों के संचालक लाभार्थियों के घर जाकर राशन वितरित करते हैं। वितरण के दौरान 10 किलो चावल तौलकर लैपटॉप और बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से पहचान सत्यापित कर राशन दिया जाता है।
कम प्रतिक्रिया के कारण
योजना के प्रति जागरूकता की कमी, पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी का अभाव और कार्यान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को इसके पीछे प्रमुख कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना को प्रभावी बनाना है, तो जागरूकता बढ़ाने और प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
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