21 लाख की सकिंग मशीन आठ वर्षों से अनुपयोगी
जमीन की कमी बनी बाधा
कापु (उडुपी). कापु नगर परिषद को बने 11 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन मलजल प्रबंधन और निस्तारण संयंत्र के लिए अब तक उपयुक्त जमीन नहीं मिल सकी है। इस बीच 2018 में 21 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई सकिंग मशीन आठ वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है। मशीन का उपयोग एक बार भी नहीं हुआ और अब इसके लोहे के हिस्सों पर जंग लगने लगा है।
नगर परिषद क्षेत्र में सरकारी जमीन की कमी के कारण कई योजनाएं अटकी हुई हैं। ठोस अपशिष्ट निस्तारण संयंत्र दूरस्थ एल्लूर में बनाया जा रहा है। वहीं मलजल प्रबंधन संयंत्र के लिए भी उपयुक्त स्थान नहीं मिल रहा है।
रखरखाव का बोझ
नगर परिषद परिसर में आधुनिक सकिंग मशीन होने के बावजूद नागरिकों को उडुपी, सूरतकल या मेंगलूरु से महंगे किराए पर मशीन मंगवानी पड़ती है। मशीन के रखरखाव और बीमा का खर्च परिषद पर अतिरिक्त बोझ बन गया है। इसी तरह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए खरीदा गया गार्बेज कॉम्पैक्टर वाहन भी दो वर्षों से अनुपयोगी पड़ा है।
बैठक में चर्चा
हाल ही में हुई विशेष बैठक में सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब हमारे पास मशीन है तो निजी सहयोग की आवश्यकता क्यों? मुख्य अधिकारी नीलकंठ मेस्त ने आश्वासन दिया कि मशीन की मरम्मत कर जल्द उपयोग में लाया जाएगा। एल्लूर संयंत्र में 2-3 दिनों में प्रायोगिक संचालन शुरू किया जाएगा।
नगर परिषद की अध्यक्ष हरिणाक्षी देवाडिगा ने कहा कि कापु में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए निजी सहयोग भी जरूरी है। इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

