महावीर जयंती पर विद्वानों ने बताए जीवन मूल्य
शिवमोग्गा. भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर शिवमोग्गा के कुवेम्पु रंगमंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, जिला पंचायत, महानगर निगम, कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग तथा जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा ने कहा कि भगवान महावीर ने त्याग का वास्तविक अर्थ समाज को समझाया और अहिंसा तथा सत्य के मार्ग को विश्व के सामने प्रस्तुत किया। महावीर ने 30 वर्ष की आयु में राजसी जीवन का त्याग कर 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद ज्ञान प्राप्त किया और पंच महाव्रत-अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य का संदेश देकर मानवता के लिए आदर्श स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि महावीर केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के कल्याण के लिए जीए। उनका “जीओ और जीने दो” का संदेश आज भी प्रासंगिक है और हमें अपने बच्चों को संस्कारवान बनाकर समाज की धरोहर तैयार करनी चाहिए।
विशेष व्याख्यान में साहित्यकार वी.टी. स्वामी ने कहा कि महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे, जिनका मूल नाम वर्धमान था। उन्होंने सत्य की खोज में अपना सर्वस्व त्याग कर मानवता को शांति और सद्भाव का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज के अशांत समय में अत्यंत उपयोगी हैं।
कार्यक्रम में जैन समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित थे।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

