हट्टी स्वर्ण खदान में बड़ा हादसा टलाहट्टी स्वर्ण खदान।

लिफ्ट में फंसे 8 मजदूर, 4 घंटे तक रहे बंद

बिजली बाधित होने से लिफ्ट रुकी, एक मजदूर की तबीयत बिगड़ी

अधिकारियों ने सुरक्षित बाहर निकाला

रायचूर. जिले के हट्टी स्वर्ण खदान में गुरुवार सुबह एक गंभीर हादसा टल गया, जब सेंट्रल शाफ्ट की लिफ्ट में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से 8 मजदूर अंदर ही फंस गए। करीब चार घंटे तक मजदूर लिफ्ट में बिना हवा और पानी के फंसे रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई।

रात की पाली में हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मजदूर रात की पाली में काम पर जाने के लिए लिफ्ट से नीचे जा रहे थे, तभी अचानक बिजली गुल हो गई और लिफ्ट बीच में ही रुक गई। लिफ्ट में आदप्पा, नागराज, श्रीकांत, ख्वाजाहुसैन, बसवराज, इमाम साब, मोगलप्पा और हनुमंत सहित कुल आठ मजदूर सवार थे।

एक मजदूर की बिगड़ी हालत

लंबे समय तक लिफ्ट में फंसे रहने के कारण हनुमंत नामक मजदूर को घुटन महसूस होने लगी, जिससे उसे चक्कर आकर वह गिर पड़ा। अन्य मजदूरों ने किसी तरह उसे संभाला।

चार घंटे बाद राहत

घटना की जानकारी मिलते ही खदान कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तकनीकी टीम की मदद से लिफ्ट को दुरुस्त किया गया। इसके बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बीमार पड़े हनुमंत को तुरंत खदान कंपनी के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

मजदूर नेताओं ने की मुलाकात

घटना की सूचना मिलते ही मजदूर संघ के नेता अस्पताल पहुंचे और घायल मजदूरों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर उपचार देने के निर्देश भी दिए।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *