मलेनाडु में कमी, राज्य में 5 फीसदी अधिक बारिश

कर्नाटक में मानसून का बदला मिजाज

हुब्बल्ली. कर्नाटक में इस वर्ष मानसून का रुख बदला-बदला नजर आ रहा है। जहां मलेनाडु क्षेत्र की तीन प्रमुख जिलों में बारिश कम दर्ज की गई है, वहीं राज्य स्तर पर औसत बारिश सामान्य से अधिक रही है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 1 जून से अब तक मलेनाडु में अपेक्षित 1369 मिमी की तुलना में केवल 1285 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 6 प्रतिशत कम है। शिवमोग्गा में 9 प्रतिशत, चिक्कमगलूर में 13 प्रतिशत और कोडगु में 3 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है, जबकि हासन में 11 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई।

मौसम विभाग के अधिकारी सी.एस. पाटील ने कहा कि राज्य स्तर पर 686 मिमी की तुलना में 721 मिमी बारिश दर्ज हुई, यानी 5 फीसदी अधिक। दक्षिण आंतरिक क्षेत्र में 10 प्रतिशत वृद्धि, उत्तर आंतरिक क्षेत्र में 21 प्रतिशत वृद्धि और करावली तट पर 3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई परन्तु दक्षिण कन्नड़ जिले में 3 प्रतिशत कमी रही, जबकि उडुपी में 4 प्रतिशत और उत्तर कन्नड़ में 6 प्रतिशत बारिश की बढ़ोतरी हुई। आगामी सप्ताह में मानसून की गति तेज होने की संभावना है।

जिलेवार स्थिति

-शिवमोग्गा में 9 प्रतिशत कमी
-चिक्कमगलूरु में 13 प्रतिशत कमी
-कोडागु में 3 प्रतिशत कमी
-हासन में 11 प्रतिशत अधिक
-करावली क्षेत्र में सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक
-दक्षिण कन्नड़ जिले में 3 प्रतिशत कमी
-उडुपी में 4 प्रतिशत वृद्धि
-उत्तर कन्नड़ में 6 प्रतिशत अधिक

राज्य स्तर पर तस्वीर

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 231 मि.मी. की तुलना में 255 मि.मी. (10 प्रतिशत अधिक)
उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 334 मि.मी. की तुलना में 402 मि.मी. (21 प्रतिशत अधिक)
करावली क्षेत्र में 2778 मि.मी. की तुलना में 2872 मि.मी. (3 प्रतिशत अधिक)

पिछले पांच वर्षों का रुझान

-2020 में 17 प्रतिशत अधिक वर्षा
-2021 में 8 प्रतिशत कमी
-2022 में 20 प्रतिशत अधिक
-2023 में 25 प्रतिशत कमी
-2024 में 15 प्रतिशत अधिक

11 जिलों में कमी

फिलहाल राज्य के 11 जिलों में वर्षा की कमी बनी हुई है, जिनमें बेंगलूरु शहरी (2 प्रतिशत), बेंगलूरु ग्रामीण (5 प्रतिशत), चामराजनगर (20 प्रतिशत), मैसूरु (11 प्रतिशत), बेंगलूरु ग्रामीण क्षेत्र के चिक्कबल्लापुर (1 प्रतिशत), उत्तरी कर्नाटक के बल्लारी (9 प्रतिशत) और हावेरी (11 प्रतिशत), मलेनाडु के शिवमोग्गा (9 प्रतिशत), चिक्कमगलूरु (12 प्रतिशत), कोडगु (3 प्रतिशत) और दक्षिण कन्नड़ (3 प्रतिशत) शामिल हैं।

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By Bharat Ki Awaz

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