24 गुणा 7 जलापूर्ति परियोजना का केवल 63 प्रतिशत काम पूरा
2023 की समयसीमा के बाद अब दिसंबर तक बढ़ी अवधि
मेंगलूरु. शहर में 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2019 में शुरू की गई जलसिरी योजना अब तक केवल 63 प्रतिशत ही पूरी हो पाई है। मूल रूप से मई 2023 तक समाप्त होने वाली इस परियोजना की समयसीमा बढ़ाकर अब दिसंबर 2026 कर दी गई है, लेकिन तय अवधि में भी इसके पूर्ण होने को लेकर संशय बना हुआ है।
करीब 821.97 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को कर्नाटक अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड फाइनेंस कॉर्पोरेशन (केयूआईडीएफसी) द्वारा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से लागू किया जा रहा है। 24 दिसंबर 2019 को इस कार्य का ठेका मेसर्स सूएज प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. और डीआरएस इंफ्राटेक प्रा. लि. को दिया गया था। योजना के तहत आठ वर्ष के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी शामिल है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कोविड-19 महामारी, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे विभाग से अनुमति में देरी तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के कारण परियोजना की गति प्रभावित हुई। इसके अलावा अड्यार में 125 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) के निर्माण का आदेश जनवरी 2024 में दिया गया था, जिसका काम अभी प्रगति पर है। हालांकि इस संयंत्र से पडील जल शोधन केंद्र तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यक पाइपलाइन व्यवस्था को लेकर अभी स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।
योजना के तहत शहर में कुल 93,600 घरों को जल कनेक्शन देना प्रस्तावित है, लेकिन अब तक केवल 37,025 घरों को ही कनेक्शन मिल पाया है। इसी तरह 52.57 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन में से 44.64 किलोमीटर कार्य पूरा हुआ है, जबकि 1,155 किलोमीटर वितरण नेटवर्क में से लगभग 868 किलोमीटर का काम ही पूरा हो पाया है।
परियोजना के अंतर्गत 19 ओवरहेड जल टैंक बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से तीन चालू हो चुके हैं और 14 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा सात पंपिंग स्टेशनों में से छह के सिविल कार्य पूरे होकर यांत्रिक कार्य जारी हैं।
शहर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही इस परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है।

