धारवाड़. जिला पंचायत सदस्य योगीशगौड़ा गौडऱ हत्या मामले में सबूत नष्ट करने के आरोप पर सीबीआई की ओर से गिरफ्तार कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को बेंगलूरु की जनप्रतिनिधि विशेष अदालत ने दो दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की है।
विनय कुलकर्णी ने अदालत में अर्जी देकर बताया कि उनके बेटे हेमंत का दुर्घटना में पैर घायल हो गया है और उसका ऑपरेशन चल रहा है। इस कारण उन्हें जमानत देनी चाहिए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद दो दिन की अंतरिम जमानत दी है।
सीबीआई जांच के आधार पर इस मामले में कई बार पूछताछ हुई थी। कुछ दिन पहले अदालत ने गवाहों को प्रभावित करने और सबूत नष्ट करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए कुलकर्णी की जमानत रद्द कर फिर से गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
विनय कुलकर्णी इससे पहले भी इसी मामले में सीबीआई की गिरफ्त में रह चुके हैं और परप्पन अग्रहार केंद्रीय कारागार में जेल की सजा काट चुके थे। बाद में उन्हें जमानत मिली और 2023 विधानसभा चुनाव में वे विधायक चुने गए परन्तु हाल ही में सबूत नष्ट करने और गवाहों पर दबाव डालने के आरोपों से उनका राजनीतिक करियर एक बार फिर संकट में है। फिलहाल अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दी है, परन्तु आगे मामले की प्रगति पर ही उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला निर्भर करेगा। उधर, सीबीआई ने भी सबूत नष्ट करने के आरोपों की जांच तेज कर दी है।

