एजे. मुधोल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
श्रमिक हितों के लिए संघर्ष को किया याद
श्रद्धांजलि समारोह में उमड़ा जनसमूह
हुब्बली. शहर के पुरानी हुब्बल्ली स्थित मुधोल भवन में शहर के जानेमाने कम्युनिस्ट नेता एवं श्रमिक आंदोलन के अग्रणी एजे. मुधोल की 25वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उपस्थित जनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
श्रमिकों के लिए जीवनभर किया संघर्ष
कार्यक्रम में वक्ताओं ने मुधोल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संगठित और असंगठित दोनों ही वर्गों के श्रमिकों के अधिकारों के लिए लगभग पांच दशकों तक निरंतर और निडर संघर्ष किया। उनके प्रयासों से मजदूरों को बेहतर वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन की दिशा मिली।
सामाजिक आंदोलनों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
वक्ताओं ने कहा कि एजे. मुधोल केवल श्रमिक नेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलनों के भी मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने कर्नाटक एकीकरण आंदोलन, गोवा मुक्ति आंदोलन तथा नरगुंद किसान विद्रोह में सक्रिय भूमिका निभाई। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ उनके आंदोलनों ने व्यापक जनसमर्थन प्राप्त किया था।
जनप्रतिनिधि के तौर पर भी रहे सक्रिय
मुधोल एक प्रभावशाली वक्ता होने के साथ-साथ नगर निगम के सदस्य के तौर पर भी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे। उनके कार्यों को आज भी श्रमिक वर्ग आदर्श के रूप में देखता है। इस अवसर पर वक्ताओं ने हुब्बल्ली में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी उठाई।
बीड़ी श्रमिकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान 25 बीड़ी श्रमिक महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. आईजी. सनदी, बीएस. सोप्पिन, सनतकुमार बेलगली, महेश पत्तार, महेंद्र सिंघी, मोहन लिम्बिकाई, बसवराज सूलिभावी, बाबाजान मुधोल, बशीर मुधोल, युसूफ बल्लारी, रमेश भोसले, नजिर अहमद कोलकर, मौलासाब नदाफ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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