गदग-कप्पतगुड्ड़ा-लक्कुंडी पर्यटन सर्किट से विकास की नई उम्मीद
राज्य बजट 2026-27 में प्रस्ताव से पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
गदग. ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा से समृद्ध गदग जिले में पर्यटन विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है। वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में गदग-कप्पतगुड्डा-लक्कुंडी पर्यटन सर्किट के निर्माण का प्रस्ताव सामने आने के बाद जिले के लोगों में नई आशा पैदा हुई है।
पर्यटन सर्किट का उद्देश्य जिले के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को एक मार्ग से जोडक़र पर्यटकों को समग्र यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जिले में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और छोटे व सूक्ष्म उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
गदग ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध नगर रहा है। यहां स्थित वीरनारायण मंदिर में कवि कुमारव्यास ने ‘गदुगिन भारत’ की रचना की थी। वहीं त्रिकूटेश्वर मंदिर अपनी अद्भुत चालुक्यकालीन शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। बिंकटकट्टी का छोटा चिडिय़ाघर, सालुमरद तिम्मक्का वनस्पति उद्यान तथा महात्मा गांधी ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विश्वविद्यालय परिसर में स्थित साबरमती आश्रम भी प्रमुख आकर्षण हैं।
जिले का लक्कुंडी गांव विशेष ऐतिहासिक महत्व रखता है। इतिहास में यहां 101 कुएं और 101 मंदिर होने का उल्लेख मिलता है। चालुक्य काल में यहां सिक्के ढालने की टकसाल भी थी। लक्कुंडी में स्थित ब्रह्म जैनालय, काशी विश्वेश्वर मंदिर, सूर्य मंदिर, नन्नेश्वर मंदिर और मुसुकिन बावी जैसे स्मारक पर्यटकों को प्राचीन स्थापत्य और इतिहास से रूबरू कराते हैं।
इसके अलावा मुंडरगी, शिरहट्टी और गदग तालुकों में फैली लगभग 63 किलोमीटर लंबी और 33 हजार हेक्टेयर क्षेत्र वाली कप्पतगुड्डा पहाडिय़ां ‘उत्तर कर्नाटक की सह्याद्री’ के नाम से जानी जाती हैं। यहां तेज हवाएं, औषधीय वनस्पतियां और प्राकृतिक सौंदर्य प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।
सरकार ने जिले में पर्यटन के समग्र विकास के लिए विशेषज्ञ समिति से विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई थी। 16 सदस्यीय टीम ने सभी प्रमुख स्थलों का दौरा कर लगभग 804 करोड़ रुपए की आवश्यकता का प्रस्ताव दिया है। पर्यटन मंत्री एच.के. पाटिल को यह रिपोर्ट सौंपी गई है।
इसी के तहत लक्कुंडी में ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण कार्य तेज हुए हैं। वहीं ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन डेस्टिनेशन’ योजना के तहत कप्पतगुड्डा में पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने 18.26 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटन सर्किट योजना पूरी तरह लागू हो जाती है तो गदग जिले में पर्यटन गतिविधियां कई गुना बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

