पोप लियो 14 का स्पष्ट संदेश
आध्यात्मिक भूमिका पर जोर; युद्ध और हिंसा के खिलाफ मुखर रुख, ट्रंप ने भी दिया जवाब
अल्जीयर्स (अल्जीरिया). पोप लियो 14 ने स्पष्ट किया है कि वे अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी प्रकार की राजनीतिक बहस में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान राजनीतिक टकराव के बजाय वैश्विक शांति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार पर केंद्रित है।
“मैं राजनेता नहीं हूं” – पोप
मीडिया से बातचीत में पोप लियो 14 ने कहा कि लोग स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हैं। मैं कोई राजनेता नहीं हूं, इसलिए ट्रंप के साथ बहस करने का मेरा कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि उनका मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति स्थापित करना और संघर्षों को समाप्त करना है।
युद्ध के खिलाफ सख्त संदेश
पोप ने कहा कि वे लगातार युद्ध और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उनके अनुसार, “हमें हमेशा शांति की तलाश करनी चाहिए और युद्धों को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए।”
उन्होंने बहुपक्षीय संवाद को समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी रास्ता बताया।
धर्म के नाम पर हिंसा की आलोचना
ईसा मसीह का उल्लेख करते हुए पोप ने कहा कि वे शांति के प्रतीक हैं और किसी भी युद्ध का समर्थन नहीं करते।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ईश्वर हिंसा को स्वीकार नहीं करता, और युद्ध मानवता के लिए सबसे बड़ी त्रासदी है।”
ट्रंप का पलटवार
पोप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पोप को विदेश नीति की ज्यादा समझ नहीं है।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “मैं उनका प्रचारक नहीं हूं, वे अपने धार्मिक कर्तव्यों पर ध्यान दें।”
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