अब हर वर्ग के छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई होगी आसानबेंगलूरु में अंतर्राष्ट्रीय विदेश अध्ययन मेला की जानकारी देते हुए चिकित्सा शिक्षा, कौशल विकास और रायचूर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शरण प्रकाश आर. पाटिल।

कर्नाटक सरकार की नई पहल

मंत्री डॉ. शरण प्रकाश आर. पाटिल ने दी जानकारी

रायचूर. चिकित्सा शिक्षा, कौशल विकास और रायचूर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शरण प्रकाश आर. पाटिल ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने पहली बार विदेश में उच्च शिक्षा पाने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अभिनव योजना शुरू की है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय छात्र भी अब बिना किसी बाधा के वैश्विक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

बेंगलूरु में अंतर्राष्ट्रीय विदेश अध्ययन मेला की जानकारी देते हुए पाटिल ने कहा कि कौशल विकास विभाग के अंतर्गत कर्नाटक व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास निगम (केवीटीएसडीसी) 17 अगस्त को बेंगलूरु के ललित अशोक होटल में अंतर्राष्ट्रीय विदेश अध्ययन मेला-2025 आयोजित करेगा, जिसमें दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में शामिल 50 से अधिक प्रमुख वैश्विक विश्वविद्यालय भाग लेंगे।

यह “वैश्विक शिक्षा का प्रवेश द्वार” है और इसमें छात्रों को नि:शुल्क मार्गदर्शन, विश्वविद्यालय चयन, वीजा प्रक्रिया, छात्रवृत्ति, वित्तीय योजना, स्वास्थ्य बीमा और भाषा दक्षता संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस मेले में ऑस्ट्रेलिया, यूके, अमेरिका, आयरलैंड, न्यूजीलैंड और मध्य पूर्व के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रमुख पेशकशों में बैंगोर यूनिवर्सिटी (यूके) की 3-5 लाख रुपए की स्कॉलरशिप और एक इकोनॉमी क्लास हवाई टिकट, नॉर्थ टेक्सास यूनिवर्सिटी (यूएसए) व जेम्स कुक यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया) की 8-10 लाख रुपए की स्कॉलरशिप, कर्टिन यूनिवर्सिटी (सिंगापुर) व मर्डोक दुबई की 5 लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप और जीआईएसएमए यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज (जर्मनी) की 10 लाख रुपए तक की स्कॉलरशिप शामिल हैं।

पंजीकरण के लिए लिंक

एक्सपो में भाग लेने के लिए पंजीकरण https://studyabroad.ksdckarnataka.com पर किया जा सकता है।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *