किसान संगठनों का कहना न पर्यावरण हितकारी, न रोजगार सृजन में सहायक
कारवार. कर्नाटक प्रांत रय्यत संघ की उत्तर कन्नड़ जिला समिति ने शरावती पंप्ड स्टोरेज विद्युत परियोजना का कड़ा विरोध जताया है।
संगठन का कहना है कि यह परियोजना जिले के लिए लाभकारी नहीं है, रोजगार सृजन की दृष्टि से भी इसका कोई बड़ा फायदा नहीं होगा और पर्यावरणीय संकट को और गहरा करेगी।
जिला समिति अध्यक्ष शांतराम नायक ने मांग की कि परियोजना के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन कर उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन सार्वजनिक करे।
उन्होंने कहा कि जिले ने पहले ही काली जलविद्युत, कैगा परमाणु ऊर्जा केंद्र, नौसेना अड्डा और कोंकण रेलवे जैसी परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में भूमि गंवाई है।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में हॉर्नबिल और सिंगली जैसे दुर्लभ पक्षी पाए जाते हैं। आदिवासी और अरण्यवासियों का जीवन पहले से कठिन है। किसान भी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
संघ ने यह रेखांकित किया कि खेती योग्य वन भूमि पर अतिक्रमण कर जीवन यापन करने वाले लोगों को अब तक हकदारी के पत्र (पट्टा) नहीं मिले हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों की राय का हवाला देते हुए संगठन ने कहा कि इस घाट क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं पहले से ही आम हैं, ऐसे में इस विशाल भूमिगत विद्युत परियोजना को तत्काल रद्द करना चाहिए।

