दो साल में 67.89 करोड़ रुपए की कमाई
रिकॉर्ड 103.52 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के साथ दौड़ रही ट्रेन
5.72 लाख यात्रियों ने उठाया लाभ
कलबुर्गी. कलबुर्गी और बेंगलूरु के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। शुरू होने के बाद मात्र दो वर्षों में इस ट्रेन ने लगभग 67.89 करोड़ रुपए की आय अर्जित कर रेलवे के लिए नया रिकॉर्ड बनाया है।
इस ट्रेन की शुरुआत 12 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से की थी। इसका उद्देश्य कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के लोगों को दिन के समय कम अवधि में बेंगलूरु पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराना था। सेवा शुरू होने से लेकर इस वर्ष 28 फरवरी तक करीब 5.72 लाख यात्रियों ने इस ट्रेन से यात्रा की है।
कलबुर्गी से सर एम. विश्वेश्वरय्या टर्मिनल (एसएमवीटी) बेंगलूरु तक तेज और सुविधाजनक संपर्क उपलब्ध कराने के कारण यह ट्रेन कर्मचारियों, विद्यार्थियों, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राजधानी जाने वाले मरीजों तथा व्यापारियों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है। अन्य ट्रेनों की तुलना में कम समय में बेंगलूरु पहुंचने की सुविधा के कारण यह यात्रियों की पसंदीदा ट्रेन बन चुकी है।
रेलवे के अनुसार इस वर्ष कलबुर्गी-एसएमवीटी बेंगलूरु-कलबुर्गी मार्ग पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ने 103.52 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी दर्ज कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह दर्शाता है कि कल्याण कर्नाटक क्षेत्र से राजधानी बेंगलूरु जाने वाले यात्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है।
पूरी तरह वातानुकूलित कोच, बड़े कांच की खिड़कियां और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव देती है। यात्रियों का कहना है कि तेज गति और बेहतर सुविधाओं के कारण यह सेवा बेहद लोकप्रिय हो चुकी है।
हालांकि दूसरी ओर, लंबे समय से प्रस्तावित कलबुर्गी रेलवे डिवीजन के गठन को लेकर क्षेत्र में असंतोष भी देखने को मिल रहा है। वर्ष 2014 में इसकी घोषणा के बावजूद अब तक परियोजना पर ठोस प्रगति नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

