कर्नाटक से डब्ल्यूईएफ में शामिल होने वाले पहले केंद्रीय मंत्री
निवेश और नवीकरणीय ऊर्जा पर केंद्रित चर्चा
हुब्बल्ली. स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की पांच दिवसीय बैठक में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भाग लिया। वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाने वाली इस बैठक में कर्नाटक से प्रतिनिधित्व करने वाले वे पहले केंद्रीय मंत्री बने हैं। इससे पूर्व इस मंच पर राज्य से केवल मुख्यमंत्री ही भाग लेते रहे हैं।
भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार इस बार भारत की ओर से तीन केंद्रीय मंत्री डब्ल्यूईएफ बैठक में शामिल हुए हैं। इनमें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल वैश्विक निवेशकों के समक्ष भारत की आर्थिक क्षमता, औद्योगिक विकास और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत कर रहा है।
निवेश और ऊर्जा पर विशेष चर्चा
बैठक के दौरान प्रल्हाद जोशी ने कनाडा के चाल्र्स एमंड और ‘ला काइस’ के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। इसके बाद उन्होंने स्पेन के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। वहीं, ओमान के सईद मोहम्मद अल सक्री के साथ चर्चा कर भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न उद्योगों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया।
जोशी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नीतियों, औद्योगिक अवसरों और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को प्रभावी ढंग से रखा। विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को उन्होंने प्रमुखता से सामने रखा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के अधिवेशन में भी प्रल्हाद जोशी ने भारत की प्रगति को प्रस्तुत कर यूरोपीय संघ का ध्यान आकर्षित किया था। अब डब्ल्यूईएफ बैठक में भी वे भारत के नेतृत्व और विकासशील अर्थव्यवस्था के रूप में उसकी भूमिका को मजबूती से प्रतिपादित कर रहे हैं।
कर्नाटक और देश के लिए उपलब्धि
डब्ल्यूईएफ जैसी वैश्विक बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की सक्रिय भागीदारी को कर्नाटक और देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे भविष्य में निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

