जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
बोरवेल मरम्मत और जल गुणवत्ता जांच पर दें जोर
विजयपुर. जिले में गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आनंद के. ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले में कहीं भी पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए तत्काल प्रभाव से पूर्व तैयारी और ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए।
जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और पेयजल प्रबंधन से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आनंद ने कहा कि जिले में खराब पड़े बोरवेलों को शीघ्र पुनर्जीवित किया जाए, ताकि गर्मियों में पानी की कमी न हो। साथ ही खराब पड़े शुद्ध पेयजल संयंत्रों की मरम्मत कर उन्हें पुन: चालू किया जाए और जल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 3 अप्रेल के बाद नहरों के माध्यम से तालाबों में पानी छोड़ा जाएगा, जिसका उपयोग केवल पेयजल के लिए करना चाहिए। किसी भी अन्य कार्य में इसका उपयोग न हो, इसके लिए सख्त निगरानी रखनी चाहिए। साथ ही नहरों पर पंपसेट लगाने पर रोक लगाने और दिन-रात निगरानी के लिए आवश्यक कर्मचारियों के साथ पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी छात्रावासों, आंगनवाडिय़ों, स्कूलों और कॉलेजों में पानी की कमी न हो, इसके लिए अभी से योजना बनाकर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके अलावा सभी तहसीलदारों को बैठक बुलाकर अपने-अपने क्षेत्रों में जल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करने और हर 15 दिन में जल भंडारण टंकियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
गर्मी की तीव्रता को देखते हुए सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धूप से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ग्राम पंचायतों में पंपलेट, प्रचार बोर्ड और लाउडस्पीकर के माध्यम से अभियान चलाने को कहा गया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषि आनंद ने कहा कि जिले की नगर और ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति और गर्मी से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ. औद्राम, उपविभागीय अधिकारी गुरुनाथ दड्डे, उपसचिव प्रकाश वड्डर, सभी तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

