कैदियों को बच्चों के अधिकारों पर किया जागरूकधारवाड़ केंद्रीय कारागार में विचाराधीन कैदियों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करतीं कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य एस. मंजु।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों के भविष्य के प्रति जिम्मेदारी निभाने का किया आह्वान

हुब्बल्ली. धारवाड़ केंद्रीय कारागार में विचाराधीन कैदियों के लिए बच्चों के अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल निदेशालय, जिला प्रशासन, जिला पंचायत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, केंद्रीय कारागार तथा जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य एस. मंजु ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ पौधों को जल अर्पित कर किया गया। अपने संबोधन में मंजु ने कहा कि जेल में बंद माता-पिता के कारण उनके बच्चों को सामाजिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे बच्चे अक्सर स्कूलों में सवालों का सामना करते हुए मानसिक दबाव और भेदभाव का अनुभव करते हैं तथा कई बार आर्थिक और शैक्षणिक अवसरों से भी वंचित हो जाते हैं।

उन्होंने कैदियों से अपील की कि रिहाई के बाद अपने बच्चों के भविष्य पर विशेष ध्यान दें और उन्हें माता-पिता का स्नेह व मार्गदर्शन देकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढऩे में मदद करें। बच्चों के पुनर्वास से जुड़ी किसी भी सहायता के लिए कारागार प्रशासन, जिला बाल संरक्षण इकाई या बाल सहायता हेल्पलाइन 1098 से संपर्क किया जा सकता है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपा जावूर ने कहा कि संकटग्रस्त बच्चों के लिए सरकार की ओर से बालगृह और शिशुगृह जैसी संस्थाएं संचालित की जा रही हैं, जहां उन्हें नि:शुल्क भोजन, आवास और शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

कार्यक्रम में केंद्रीय कारागार के अधीक्षक पी. महादेव नायक, प्रभारी सहायक अधीक्षक महादेवी मरकट्टी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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By Bharat Ki Awaz

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