गदग-मुलगुंद मार्ग पर 15 पेड़ हटाने व 45 की शाखाएं काटने की तैयारी
पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश
मुलगुंद (गदग). गदग-मुलगुंद मार्ग के किनारे स्थित कई पुराने पेड़ों को हटाने की तैयारी के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों ने नाराजगी जताई है। सडक़ पर वाहनों के आवागमन में बाधा का हवाला देते हुए वन विभाग ने करीब 45 पेड़ों की शाखाएं काटने और 15 पेड़ों को पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
पर्यावरण प्रेमी राघवेंद्र कुंबारगेरी के अनुसार हाल ही में सडक़ चौड़ीकरण और विकास कार्य पूरा हुआ है, लेकिन उस समय लोक निर्माण विभाग ने रास्ते में आने वाले पेड़ों को नहीं हटाया। अब सडक़ बनने के बाद पेड़ों की कटाई की योजना बनाना लोगों को आश्चर्यचकित कर रहा है।
इस सडक़ के दोनों ओर सैकड़ों वर्षों पुराने इमली और नीम के पेड़ हैं, जो मार्ग की सुंदरता बढ़ाते हैं। करीब 250 से अधिक पेड़ों की कतार बारिश के मौसम में हरियाली से भर जाती है और गर्मियों में राहगीरों व वाहन चालकों को छाया देती है। तेज धूप में यह पेड़ सडक़ पर झुककर प्राकृतिक छाया का सुखद वातावरण बनाते हैं। ऐसे पेड़ों को हटाने की योजना से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
पर्यावरण प्रेमी महांतेश एस. कणवी का कहना है कि वर्षों से फल और छाया देने वाले इन पेड़ों को हटाना दुखद है। पेड़ों को बचाने के लिए वैकल्पिक उपाय तलाशने चाहिए और वन विभाग को अधिक पौधारोपण की पहल करनी चाहिए।
इस संबंध में गदग उपवन संरक्षण अधिकारी वीरेंद्र मरिबसन्नवर ने बताया कि सडक़ विकास के बाद कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं वाहनों से टकराने और दुर्घटना की आशंका पैदा कर रही हैं। लोक निर्माण विभाग की मांग पर 15 पेड़ों को हटाने और 45 पेड़ों की शाखाएं काटने के लिए चिन्हित किया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर सार्वजनिक आपत्तियां प्राप्त होती हैं तो पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया रोक दी जाएगी।

