करवे कार्यकर्ताओं का रेलवे भर्ती कार्यालय के सामने प्रदर्शन
आश्वासन के बाद शांत हुआ माहौल
हुब्बल्ली. रेलवे विभाग की पदोन्नति परीक्षा में कन्नड़ भाषा को नजरअंदाज किए जाने के आरोप को लेकर मंगलवार को हुब्बल्ली में कर्नाटक रक्षणा वेदिके (नारायणगौड़ा गुट) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण उस दिन आयोजित परीक्षा को रद्द करना पड़ा।
दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) के तहत रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) द्वारा 17 और 18 मार्च को कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि परीक्षा में कन्नड़ भाषा को शामिल नहीं किया गया, जो राज्य के उम्मीदवारों के साथ अन्याय है।
करवे के जिला अध्यक्ष सागर गायकवाड और नेता हनुमंतप्पा मेटी के नेतृत्व में करीब 30 से अधिक कार्यकर्ता केश्वापुर स्थित रेलवे भर्ती कार्यालय के सामने एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने “कन्नड़ में परीक्षा आयोजित करो” और “कन्नड़ को न्याय दो” जैसे नारे लगाते हुए परीक्षा केंद्र की सीढिय़ों पर बैठकर विरोध जताया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर रेलवे भर्ती सेल के अध्यक्ष के.ए. हफीज मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुना। उन्होंने उच्च अधिकारियों से चर्चा कर परीक्षा को स्थगित करने और भविष्य में कन्नड़ भाषा में परीक्षा आयोजित करने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन के चलते मंगलवार की परीक्षा रद्द कर दी गई और परीक्षा देने पहुंचे उम्मीदवारों को केंद्र से वापस भेज दिया गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर कड़ी पुलिस व्यवस्था भी तैनात की गई थी।
इस विरोध प्रदर्शन में करवे के गदग जिला अध्यक्ष हनुमंतप्पा अब्बिगेरी तथा धारवाड़ के नेता रुद्रेश हवलद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

