हुडा अध्यक्ष पद की दौड़ तेज: जातीय संतुलन पर टिकी नजरहुडा कार्यालय।

कांग्रेस नेताओं में लॉबिंग, धारवाड़ को अवसर मिलने की उम्मीद

हुब्बल्ली. हुब्बल्ली–धारवाड़ शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के अध्यक्ष पद का कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं में इस प्रतिष्ठित पद के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और केपीसीसी अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।

जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय

कांग्रेस इस बार सामाजिक न्याय के फार्मूले पर उपयुक्त चेहरे की तलाश कर रही है। हुब्बल्ली के सतीश मेहरवाड़े, मजहरखान और धारवाड़ के रॉबर्ट दद्दापुरी, राजू एच.एम. को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। महिला कोटे से देवकी योगानंद और स्वाति मलगी के नाम चर्चा में हैं, जबकि लिंगायत कोटे से राजशेखर मेणसिनकाई का नाम सामने आया है।

धारवाड़ को मौका मिलने की संभावना

इतिहास गवाह है कि 1992 में एस. बंगारप्पा सरकार के दौरान धारवाड़ के शूरपाली को अध्यक्ष बनाया गया था और 2013 में दानप्पा कब्बेर इस पद पर पहुंचे। इसके बाद से अधिकतर अध्यक्ष हुब्बल्ली से ही रहे। इस बार धारवाड़ को अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो रॉबर्ट दद्दापुरी और राजू एच.एम. की दावेदारी मजबूत हो सकती है।

मनोनीत पदों पर भी प्रतिस्पर्धा

हुब्बल्ली–धारवाड़ महानगर निगम के पांच मनोनीत पदों के लिए भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। महानगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राजशेखर मेणसिनकाई और ग्रामीण जिला अध्यक्ष पद के लिए चंद्रशेखर जुट्टल के नाम चर्चा में हैं। ब्राह्मण समाज विकास निगम सहित अन्य निगमों के पदों पर भी कई नेताओं की नजर है।

मौजूदा अध्यक्ष शाकीर सनदी ने कहा कि इच्छुकों की संख्या अधिक है और सामाजिक न्याय के आधार पर जिले के सभी नेता मिलकर एक नाम तय कर सरकार को भेजेंगे।

कुल मिलाकर, हुडा अध्यक्ष पद की दौड़ जातीय संतुलन और राजनीतिक समीकरणों पर टिकी है, और अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व के हाथों में है।

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By Bharat Ki Awaz

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