सरकारी भर्ती से पहले आंतरिक आरक्षण लागू करने की मांग
शहर में बाजार व बस सेवा ठप
रायचूर. अनुसूचित जाति समुदाय के लिए आंतरिक आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर दलित संगठनों की ओर से बुलाए गए रायचूर बंद को बुधवार को व्यापक समर्थन मिला। बंद के दौरान शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं।
डॉ. बी.आर. आंबेडकर सर्कल पर ‘आंतरिक आरक्षण लागू करो’ संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार बिना आंतरिक आरक्षण तय किए सरकारी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिससे विशेष रूप से मादिगा समुदाय के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय होगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार करीब 56,432 सरकारी पदों पर भर्ती करने की योजना बना रही है। वहीं सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। ऐसे में आंतरिक आरक्षण तय किए बिना भर्ती प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एससी-एसटी समुदायों के लिए आंतरिक आरक्षण संबंधी विधेयक को पहले ही राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में इसे तुरंत लागू करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे पर देरी कर रही है और अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही है।
बंद के दौरान शहर के केंद्रीय बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद रहा। आंबेडकर सर्कल के बीच सडक़ पर टेंट लगाकर धरना दिया गया। किराना बाजार, कपड़ा बाजार, सराफ बाजार और स्टेशन रोड सहित कई प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र पूरी तरह बंद रहे।
रमजान को देखते हुए कुछ दुकानदारों ने शुरुआत में दुकानें खोली थीं, लेकिन बाद में आंदोलनकारियों की अपील पर उन्होंने भी दुकानें बंद कर समर्थन दिया। स्थिति को देखते हुए शहर में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया था। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द आंतरिक आरक्षण लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

