कलिका हब्बा व केएसपीसीबी स्वर्ण जयंती में पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रतियोगिताओं में विजेताओं को सम्मान
हुब्बल्ली. घंटिकेरी स्थित सरकारी मॉडल कन्नड़ बालिका विद्यालय नंबर-1 में आयोजित क्लस्टर स्तरीय कलिका हब्बा (शिक्षा पर्व) और कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (केएसपीसीबी) की स्वर्ण जयंती समारोह में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कर्नाटक स्लम विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रसाद अब्बय्या ने दीप प्रज्वलन कर किया।
अब्बय्या ने कहा कि आज दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में 90 से अधिक भारत में हैं और भारत प्रदूषित देशों की सूची में पांचवें स्थान पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि नदियों, जंगलों और हवा का अंधाधुंध विनाश पृथ्वी को विषैला बना रहा है। बच्चों में पर्यावरण प्रेम, राष्ट्रभक्ति और अच्छे संस्कार विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों का विश्वास जीतने, स्कूलों को हाईटेक बनाने और हरित परिसर विकसित करने का आह्वान किया।
प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी रितीका वर्मा ने कहा कि बच्चों को प्रदूषण नियंत्रण का महत्व समझाना जरूरी है। प्रतिस्पर्धा के इस युग में उन्हें कला, खेल, विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
क्षेत्र शिक्षा अधिकारी एच.एम. फडनेशी ने कहा कि कलिका हब्बा बच्चों में सीखने का उत्साह और आनंद पैदा करता है तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।
इस अवसर पर चित्रकला, निबंध, प्रश्नोत्तरी, कविता एवं वचन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। छात्रों ने पर्यावरण जागरूकता पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया, जिसके लिए विधायक प्रसाद अब्बय्या ने उन्हें प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में नगर निगम की पार्षद मंजुला जाधव, प्रकाश बुरबुरे, शिवानंद गुंडुर, मंजुनाथ जंगली, एसडीएमसी सदस्य श्वेता सिद्धलिंग, राजस्व निरीक्षक रवि बेन्नूर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत भजंत्री की प्रार्थना और प्रांत गीत से हुई।

