मेंगलूरु. बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन और उनकी पुत्री राशा तादानी ने मूडबिद्री के ऐतिहासिक हजार खंभों वाले बसदी (जैन मंदिर) को यांत्रिक हाथी दानस्वरूप प्रदान किया।
पेटा इंडिया की प्रेरणा
पालतू हाथियों को धार्मिक कार्यक्रमों में प्रयोग करने से उनके प्राकृतिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसी कारण पेटा इंडिया (पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) संस्था ने असली जैसे दिखने वाले मैकेनिकल हाथियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इसी पहल से प्रेरित होकर टंडन परिवार ने यह योगदान दिया है।
अनावरण समारोह
जैनकाशी में चातुर्मासरत 108 गुलाब भूषण मुनि और भट्टारक ने इस नए “ऐरावत” का अनावरण किया। इस अवसर पर पेटा अधिकारी अरुण कुमार, सुप्रिया समेत कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विशेषताएं
-यह देश का पहला जैन बसदी है जहां यांत्रिक हाथी स्थापित हुआ है।
-हाथी की ऊंचाई 3 मीटर और वजन 800 किलो है।
-इसे रबर, फाइबर, मेटल, मेष, फोम और लोहे से तैयार किया गया है।
-पांच मोटर और बिजली की सहायता से इसे असली हाथी की तरह चलाया जा सकता है।

