रेलवे बोर्ड की मंजूरी के दो साल बाद भी योजना प्रारंभिक चरण में
रोजाना जाम से जूझ रहे हजारों लोग
मेंगलूरु. केरल-कर्नाटक सीमा के पास स्थित मंजेश्वर-होसंगडी रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित सडक़ ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिले दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक योजना का स्वरूप तय नहीं हो पाया है। इसके कारण इस व्यस्त क्रॉसिंग से गुजरने वाले हजारों लोगों को रोजाना यातायात जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है।
रेलवे के पालक्काड मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को वर्ष 2023-24 में मंजूरी दी थी। हालांकि अब तक केवल प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य ही पूरा हुआ है। पुल की लंबाई कितनी होगी, यह किस स्थान से किस स्थान तक बनेगा और इसका अंतिम डिजाइन क्या होगा-इन सभी बिंदुओं पर अभी निर्णय होना बाकी है। परियोजना फिलहाल प्रारंभिक चरण में है।
होसंगडी रेलवे लेवल क्रॉसिंग क्षेत्र अत्यधिक भीड़भाड़ वाला माना जाता है। यहां से होकर बेंगरमंजेश्वर, मदनंतेश्वर मंदिर, मंजेश्वर मिनी पोर्ट, सरकारी हाईस्कूल, जैन बस्ती, ग्राम पंचायत, पंजीकरण कार्यालय तथा कई शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लोगों को इसी रेलवे गेट से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय निवासी बशीर कनिल के अनुसार इस स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए वर्ष 1995 में सरकार ने अनुदान भी आवंटित किया था, लेकिन समय पर उपयोग न होने के कारण वह वापस हो गया। अब दोबारा परियोजना को मंजूरी मिलने के बावजूद इसके क्रियान्वयन में तेजी नहीं दिख रही है।
मेंगलूरु-तिरुवनंतपुरम रेल मार्ग अत्यंत व्यस्त होने के कारण इस क्रॉसिंग पर गेट लगभग हर घंटे दो से तीन बार बंद होता है। सुबह और शाम के समय यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जो पास से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और सर्विस रोड तक फैल जाती है। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बार-बार बाधित होती है।

