एयर हॉर्न से बढ़ रहा ध्वनि प्रदूषण, आमजन परेशान
संवेदनशील क्षेत्रों में भी नियमों की अनदेखी
हुब्बल्ली. शहर और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों में कर्कश एयर हॉर्न का उपयोग प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से जारी है। इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि आम नागरिकों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार वाहनों में एयर हॉर्न का उपयोग प्रतिबंधित है और केवल 80 डेसिबल तक की ध्वनि वाले इलेक्ट्रिक हॉर्न की अनुमति है। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। आश्चर्यजनक रूप से सरकारी वाहन और परिवहन निगम की बसों में भी कर्कश हॉर्न का इस्तेमाल देखा जा रहा है।
जांच और कार्रवाई, असर सीमित
वर्ष 2024-25 में धारवाड़ पूर्व प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने 14,484 वाहनों की जांच की, जिनमें से 66 मामलों में नियम उल्लंघन पाया गया और 1.89 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। एक अन्य अभियान में 544 वाहनों की जांच कर 40 प्रकरण दर्ज किए गए और 1.21 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
धारवाड़ पूर्व प्रादेशिक परिवहन अधिकारी श्रीकांत बडिगेर ने बताया कि अधिकांश वाहन चालक अपने वाहनों में इलेक्ट्रिक और एयर हॉर्न दोनों लगवाते हैं, लेकिन उपयोग एयर हॉर्न का ही करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्रवाई और जागरूकता अभियानों के बावजूद इसका उपयोग कम नहीं हो रहा है।
संवेदनशील क्षेत्रों में भी उल्लंघन
उन्होंने बताया कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मंदिर, मस्जिद, प्रार्थना स्थल और न्यायालय के आसपास किसी भी प्रकार का हॉर्न बजाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इन स्थानों पर भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है। कर्कश हॉर्न का उपयोग पाए जाने पर हॉर्न हटवाकर 3,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, साइलेंसर से छेड़छाड़ कर वाहन चलाने के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
कान के पर्दे फाड़ देने वाले कर्कश हॉर्न
सरस्वतीपुर निवासी जगदीश होम्बल ने कहा कि कान के पर्दे फाड़ देने वाले कर्कश हॉर्न से बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और हृदय रोगियों को गंभीर परेशानी होती है। लगातार शोर से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नागरिकों का कहना है कि नियमों का कठोर और निरंतर पालन कराकर ही ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाया जा सकता है।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
कर्कश हॉर्न के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
–श्रीकांत बडिगेर, परिवहन अधिकारी, धारवाड़ पूर्व प्रादेशिक परिवहन कार्यालय
कर्कश हॉर्न पर कार्रवाई की जानकारी
धारवाड़ पूर्व
वर्ष — जांच — मामला — जुर्माना (लाखों में)
2022-23 — 11,645 — 63 — 1,86,000
2023-24 — 10,180 — 37 — 1,11,000
2024-25 — 14,484 — 66 — 1,89,000
धारवाड़ पश्चिम
2022-23 — 7,111 — 58 — 1,92,000
2023-24 — 5,866 — 40 — 1,59,000
2024-25 — 544 — 40 — 1,21,000

