अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा ग्रामीण पुलिस थानाइलकल में ग्रामीण पुलिस थाना के नए भवन निर्माण का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक विजयानंद काशप्पनवर।

ग्रामीण पुलिस थाना के नए भवन निर्माण का भूमिपूजन

इलकल (बागलकोट). कर्नाटक वीरशैव लिंगायत विकास निगम अध्यक्ष एवं विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने कहा कि करीब एक करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से ग्रामीण पुलिस थाने के लिए नए भवन का निर्माण किया जाएगा जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।

कस्बे के ग्रामीण पुलिस थाना के नए भवन निर्माण का भूमिपूजन कर काशप्पनवर ने कहा कि हावेरी के ठेकेदार को निर्माण कार्य का ठेका दिया गया है। नौ माह में निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा दी गई है। निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त होना चाहिए। घटिया किस्म का निर्माण कार्य सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इलकल शहर की जनसंख्या एक लाख से अधिक है और शहर का चारों दिशाओं में विस्तार हुआ है। जनसंख्या के अनुसार यहां पुलिस कर्मियों की काफी कमी है। पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है।

काशप्पनवर ने कहा कि पुलिस थाना परिसर में ही इंदिरा कैंटीन का निर्माण कार्य चल रहा है। इंदिरा कैंटीन शुरू होने पर लोगों और पुलिस थाना आने वालों को सुविधा होगी। इलकल और हुनगुंद तालुक का विकास करना ही प्रमुख लक्ष्य है।

पुलिस अधिकारियों एवं ग्रामीण पुलिस थाना निरीक्षक मल्लिकार्जुन सत्तीगौडर ने विचार व्यक्त किया।

इस मौके पर नगरसभा की अध्यक्ष सुधारानी संगम, नगर योजना प्राधिकरण के अध्यक्ष राघवेन्द्र चिंचमी, पुलिस अधिकारी महांतेश्वर जिद्दी, डीएसपी विश्वनाथराव कुलकर्णी, सीपीआई सुनिल सवदी, शहर पुलिस थाना निरीक्षक शहजान नाईक, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल रज्जाक तटगार, अंबेडकर दलित हित रक्षक समिति अध्यक्ष शरणप्पा आमदीहाल, नगर योजना प्राधिकरण सदस्य शब्बीर बागवान, पार्षद सुरेश जंगली, मौलेश बंडीवड्डर, महांतेश मडीवालर, अहमदसाब बागवान, हनमंत तुंबद सहित पुलिस कर्मी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *