यूकेपी-3 अधिसूचना में देरी पर केंद्र पर बरसे सिद्धरामय्यामुख्यमंत्री सिद्धरामय्या।

गुजरात परियोजना को मंजूरी, लेकिन कर्नाटक के साथ ‘सौतेला’ व्यवहार

यूकेपी के लिए 8 हजार करोड़ रुपए देने की घोषणा

बागलकोट. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अपर कृष्णा परियोजना (यूकेपी-3) के अंतिम निर्णय को आए 13 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गुजरात की सिंचाई परियोजना पर महाराष्ट्र की आपत्ति के बावजूद केंद्र ने अधिसूचना जारी कर दी, तो कर्नाटक के मामले में यह “सौतेला” जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

बागलकोट में सरकारी मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास और यूकेपी-3 के डूब क्षेत्र के प्रभावितों को मुआवजा चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता बजट में यूकेपी के लिए राशि न रखने का झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य बजट में 3,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और अनुपूरक बजट में 5,000 करोड़ रुपए और दिए जाएंगे। इस प्रकार इस वर्ष परियोजना के लिए कुल 8,000 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया एक ही चरण में पूरी की जाएगी, जबकि भाजपा सरकार ने इसे दो चरणों में करने की योजना बनाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 से 2023 तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार ने किसानों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया और केंद्र से अधिसूचना जारी कराने का गंभीर प्रयास भी नहीं किया।

सिद्धरामय्या ने कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा लगातार दुष्प्रचार कर रही है कि गारंटी योजनाओं के कारण विकास कार्यों के लिए धन नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक गारंटी योजनाओं पर 1.22 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं और साथ-साथ विकास कार्य भी जारी हैं।

उन्होंने कहा कि यूकेपी-3 के तहत भूमि गंवाने वाले किसानों को सिंचित भूमि के लिए 40 लाख रुपए और सूखी भूमि के लिए 30 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। आठ गांवों के 951 एकड़ क्षेत्र के लिए अब तक 446 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जो देश में एक रिकॉर्ड है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के प्रत्येक जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। अब तक 24 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि इस वर्ष बागलकोट और कोलार में नए कॉलेज शुरू किए जाएंगे तथा अगले वर्ष मेंगलूरु में भी सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। साथ ही बागलकोट और हावेरी में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने की भी घोषणा की गई।

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By Bharat Ki Awaz

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