जनता की जीत के नारे, खुली गाड़ी में भव्य जुलूस
विजयपुर. सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान जेल भेजे गए छह आंदोलनकारियों को बुधवार शाम जिला केंद्रीय कारागृह से रिहा किया गया। जेल से बाहर निकलते ही आंदोलनकारियों का जोरदार स्वागत किया गया। समर्थकों, परिजनों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मिठाई खिलाकर, शॉल ओढ़ाकर और फूलमालाएं पहनाकर सम्मान किया। इस दौरान “मेडिकल कॉलेज आंदोलनकारियों की जय” के नारे गूंजते रहे।
जेल से रिहा हुए आंदोलनकारियों में संगनबसवेश्वर स्वामी, बी. भगवान रेड्डी, सिद्राम हल्लूर, अरविंद कुलकर्णी, भोगेश सोल्लापुर और पत्रकार अनिल होसमनी शामिल हैं।
यह जनता की जीत है
रिहाई के बाद आंदोलनकारी एवं पत्रकार अनिल होसमनी ने कहा कि यह पूरी तरह जनता की जीत है। इस आंदोलन के चलते न केवल विजयपुर बल्कि निजी सहभागिता (पीपीपी मॉडल) में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है। अंतत: सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय घोषित किया, जो जनता के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए मंत्री शिवानंद पाटील ने उनसे मुलाकात कर आगामी बजट में मेडिकल कॉलेज की घोषणा का आश्वासन दिया था। वहीं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. एम.बी. पाटील ने भी इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कॉलेज स्थापना के लिए पूरी ताकत से प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
खुली गाड़ी में विजय जुलूस
जेल से रिहा हुए आंदोलनकारियों को खुली गाड़ी में विजय जुलूस के रूप में शहर में ले जाया गया। रास्ते भर समर्थक नारे लगाते रहे। यह जुलूस प्रमुख मार्गों से होते हुए आंदोलन स्थल डॉ. बी.आर. आंबेडकर सर्कल पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
इन नेताओं ने किया स्वागत
इस अवसर पर श्रीनाथ पूजारी, मल्लिकार्जुन यंडिगेरी, एम.सी. मुल्ला, अकरम माश्याळकर, एच.टी. भरतकुमार, एच.टी. मल्लिकार्जुन, सुरेश बिजापुर, सुरेखा रजपूत सहित अनेक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारियों का स्वागत व सम्मान किया।

