जिला प्रभारी मंत्री डॉ. एम.बी. पाटिल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
विजयपुर. हंचनाल क्षेत्र की झील में शहर की नालियों से मिल रहे दूषित पानी को लेकर जिला प्रभारी मंत्री एम.बी. पाटिल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को उन्नत कर केवल शुद्ध एवं संसाधित पानी ही हंचनाल झील में छोड़ा जाए, ताकि आसपास के नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को रोका जा सके।
शहर के नगर विकास प्राधिकरण सभागार में वर्ष 2026-27 के बजट एवं सामान्य बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री पाटिल ने कहा कि हंचनाल क्षेत्र के बोरवेलों से दूषित और दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा है, जिसकी शिकायतें पहले भी मिल चुकी हैं। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने महानगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि झील के पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य के साथ-साथ सीवेज का शुद्धिकरण सुनिश्चित किया जाए।
2026-27 के लिए बजट अनुमान प्रस्तुत
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 5757.98 लाख रुपए की आय का अनुमान व्यक्त किया गया, जबकि पूर्व शेष व्यय सहित लगभग 8714.50 लाख रुपए के खर्च का प्रावधान रखा गया है। मंत्री ने शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शहर विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने किले की दीवार के आसपास स्थित नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ही यह कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि क्षेत्र स्वच्छ और नागरिकों के लिए उपयोगी बन सके।
जिलाधिकारी डॉ. आनंद के. ने आश्वासन दिया कि सभी कार्यों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समन्वय के साथ शहर के समग्र विकास के लिए कार्य करने के निर्देश दिए गए।
प्राधिकरण की ओर से नागरिक सुविधाओं के भूखंड आवंटन के लिए प्रत्येक तीन माह में अधिसूचना जारी करने का सुझाव भी रखा गया। बैठक में जनप्रतिनिधि, नगर विकास प्राधिकरण के सदस्य तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

