फीस बकाया बताकर परीक्षा केंद्र के बाहर रोका
शिक्षा विभाग ने की सख्त कार्रवाई
राणेबेन्नूर. द्वितीय पीयूसी की छात्रा को फीस बकाया होने के कारण हॉल टिकट देने से इंकार कर परीक्षा केंद्र के बाहर रोकने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। हावेरी जिले के डीडीपीआई मोहन दंडिन के आदेश पर संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है।
घटना राणेबेन्नूर स्थित बीएजेएसएस कॉलेज की है। द्वितीय पीयूसी की छात्रा सारा जेसिका 28 फरवरी को कन्नड़ विषय की परीक्षा देने कॉलेज पहुंची थी। आरोप है कि 30 हजार रुपए फीस बकाया होने का हवाला देते हुए उसे हॉल टिकट नहीं दिया गया और परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया।
बताया गया है कि सरकारी वरिष्ठ उच्चीकृत विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका सुनीता डी.बी. निजी कॉलेज प्रबंधन के समर्थन में खड़ी रहीं और छात्रा को कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं। परीक्षा के दबाव में आई छात्रा को मानसिक रूप से प्रताडि़त किए जाने का आरोप है।
मामला तब तूल पकड़ गया जब सामाजिक कार्यकर्ता हनुमंतप्पा मौके पर पहुंचे और छात्रा के पक्ष में आवाज उठाई। अंतत: छात्रा के अभिभावकों ने बेटी का भविष्य बचाने के लिए अपनी बाइक गिरवी रखकर राशि की व्यवस्था की, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने हॉल टिकट जारी किया।
घटना के मीडिया में आने के बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया। हावेरी जिला सार्वजनिक शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच के आदेश दिए। क्षेत्र शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर कर्तव्य में लापरवाही और छात्रा के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप में शिक्षिका सुनीता डी.बी. को सेवा से निलंबित किया गया।
सार्वजनिक स्तर पर मांग उठी है कि फीस के नाम पर छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाने वाली संस्थाओं के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएं। शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई को चेतावनी संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

