सभापति बसवराज होरट्टी ने सदन की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
हुब्बल्ली. विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी ने सदन की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद के अनेक सदस्य अपने आचरण और जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को दोनों सदनों में अपनी भूमिका और दायित्व का भान होना चाहिए, तभी वे राज्य और देश के विकास में सार्थक योगदान दे सकते हैं।
पत्रकारों से बातचीत में होरट्टी ने कहा कि कई सदस्य यह समझने में विफल हो रहे हैं कि किन विषयों को प्राथमिकता देनी चाहिए। जनहित से जुड़े मुद्दों को छोडक़र तुच्छ विषयों पर लंबी चर्चा की जा रही है। इस पर रोक लगाने के लिए उन्होंने सख्त कदम उठाए हैं, चेतावनी दी है और आगामी सत्र में सदन की मर्यादा बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
उमाश्री विवाद पर सफाई
अभिनेत्री और पूर्व मंत्री उमाश्री से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए होरट्टी ने कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार की अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि “आप अच्छी फिल्में करती हैं, अब समय आ गया है कि फिल्मी संवाद न बोलें।” इसे अपमानजनक बताना निराधार है।

