मंत्री डॉ. शरणप्रकाश पाटील ने की घोषणा
पूर्णिमा बिरादार डायलिसिस केंद्र का 5वां स्थापना दिवस
कलबुर्गी. चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. शरणप्रकाश पाटील ने कहा कि केंद्र में प्रत्येक डायलिसिस मरीज के उपचार पर सरकार 1,500 रुपए का व्यय वहन करेगी और इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शहर में सेडम रोड स्थित एमआरएमसी सैक सभागार में आयोजित पूर्णिमा पी.एम. बिरादार डायलिसिस केंद्र के 5वें स्थापना दिवस समारोह में पाटील ने यह घोषणा की।
मंत्री ने कहा कि किडनी रोगियों को नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। ट्रस्ट की ओर से किया जा रहा परोपकारी प्रयास सराहनीय है। उन्होंने डॉ. पी.एम. बिरादार की भूमिका की भी प्रशंसा की।
शरणबसवेश्वर विद्यावर्धक संघ की अध्यक्ष दाक्षायणी एस. अप्पा ने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन बचाना आसान नहीं होता और गरीबों की सेवा करना ईश्वर की सेवा के समान है।
केंद्र के प्रमुख शरणबसप्पा एम. पप्पा ने कहा कि यहां पांच डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं और प्रतिदिन 12 से 15 मरीजों का उपचार किया जाता है। भविष्य में गरीब मरीजों के लिए किडनी प्रत्यारोपण योजना शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर पांच वर्षों की नि:शुल्क सेवाओं पर आधारित एक वृत्तचित्र का विमोचन किया गया।
इनका किया सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यादगरी जिला शाहापुर के डॉ. श्रीकांत सिन्नूर, डॉ. ए.वी. देशमुख, डॉ. बसवराज कोडली, डॉ. के. विजयमोहन और डॉ. संपत कुमार लोया को ‘वैद्य रत्न’ सम्मान तथा समाजसेवी उमेश शेट्टी को ‘सेवा रत्न’ पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पी.एस. शंकर प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. पी.एस. शंकर ने की। विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

