जिला उत्सव में हेलिकॉप्टर सवारी का उत्साह
साइकिल-लूना चलाने वाले अब आसमान में
रायचूर. रायचूर जिला उत्सव के अवसर पर आयोजित ‘रायचूर बाय स्काई’ कार्यक्रम ने आम लोगों को आसमान में उडऩे का अनोखा अनुभव दिया। 4 से 9 फरवरी तक हेलिकॉप्टर सवारी की व्यवस्था की गई थी, जिसे बढ़ती मांग के चलते एक दिन और बढ़ाया गया। साइकिल और लूना पर चलने वाले लोग अब हेलिकॉप्टर में बैठकर शहर को निहारते नजर आए।
400 फीट ऊपर से देखा शहर
जिला प्रशासन ने प्रति व्यक्ति 3,500 रुपए शुल्क निर्धारित कर ऑनलाइन बुकिंग शुरू की थी। बाद में जिला स्टेडियम में भी टिकट उपलब्ध कराए गए।
करीब 400 फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ते हेलिकॉप्टर से लोगों ने माविन केरे, किला, रेलवे स्टेशन, न्यायालय परिसर, एसपी कार्यालय, एपीएमसी, नया जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य सडक़ों को निहारा।
ऊंचाई से मकान और इमारतें मानो माचिस की डिब्बियों की तरह सजी दिखाई दीं। लोग रोमांचित होकर अपने अनुभव परिजनों और मित्रों से साझा करते नजर आए।
सख्त व्यवस्था, नया अनुभव
हर उड़ान में छह यात्रियों को व्यवस्थित ढंग से भेजा गया। यात्रियों को सीट न बदलने, खाने-पीने की वस्तुएं न ले जाने और जेब में ढीली वस्तुएं न रखने के निर्देश दिए गए। प्रवेश द्वार पर पुलिस जांच, प्रतीक्षा के लिए बैठने की व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी एहतियात ने लोगों को सुरक्षित और अनुशासित आयोजन का अनुभव कराया।
सोशल मीडिया पर छाया उत्साह
सवारी के बाद लोगों ने व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर उत्साह दोगुना किया। हालांकि कुछ लोगों ने 6-7 मिनट के बजाय 5 मिनट में सवारी समाप्त करने पर हल्की नाराजगी भी जताई।
बढ़ी मांग, एक दिन का विस्तार
बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने कार्यक्रम को एक दिन और बढ़ाया। सुव्यवस्थित प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन की सराहना की गई।
“पहले नीचे से देखते थे, आज खुद उड़े”
देवसुगूर के स्थानीय निवासी लिंगप्पा वन्नेकारी ने कहा कि हम साइकिल और लूना पर चलने वाले लोग हैं। पहले हेलिकॉप्टर और विमान को जमीन से देखते थे। आज हमारे दामाद के आग्रह पर खुद आसमान में उडऩे का मौका मिला। शुरुआत में डर था, लेकिन दूसरों को जाते देख हिम्मत आई। यह जीवन का नया और यादगार अनुभव रहा।

