एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जहर खाने से मौत, बेटी गंभीरजांच करती पुलिस।

बेलगावी. शहापुर के जोशीमाला इलाके में बुधवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। एक स्वर्ण व्यापारी ने उनसे आधा किलो सोना लेकर उसे वापस न करके उन्हें धोखा दिया। उन्होंने लिखा कि इससे तंग आकर उन्होंने आत्महत्या की।

मृतकों की पहचान मंगला कुरडेकर (70) उनका बेटा संतोष (44) और बेटी सुवर्णा (42) के तौर पर की गई है। उनकी एक और बेटी सुनंदा (40) ने भी जहर खा लिया और उसकी हालत गंभीर है।

मौके पर पहुंची शहापुर थाना पुलिस ने बताया कि संतोष गोल्ड टिकट के कारोबार से जुड़ी थे। अनुमान है कि इसी कारोबार में हुई धोखाधड़ी उनकी मौत का कारण बनी।

सुनंदा ने बताया कि उन्होंने बुधवार सुबह करीब 9 बजे जहर खा लिया। इससे पहले, संतोष ने अपनी बेटियों को दो घंटे तक जहर पीकर मरने के लिए मनाया। पहले उन्होंने अपनी मां और बहन को जहर दिया और फिर खुद भी पी लिया। सुनंदा ने पीने में हिचकिचाहट दिखाई। तीनों की तड़प कर मरने के बाद वह जिंदा रहकर क्या करेंगी, इस डर से उसने भी जहर पी लिया।

शवों के सामने सुनंदा को रोते हुए सुनकर पड़ोसी आ गए। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी। इस बीच, थकी हुई सुनंदा को अस्पताल ले जाया गया।

सुसाइड नोट मिला

संतोष की जेब से मराठी में लिखा एक मृत्यु पत्र (सुसाइड नोट) मिला है। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं कई लोगों के साथ मिलकर सोने की चीटी (एक प्रकार का चिटफंड) बनाता था। कई लोगों ने पैसा लगाया था। मैंने वडगवी के एक स्वर्ण व्यापारी राजू कुडतरकर को आधा किलो (500 ग्राम) सोना दिया था। उसने कहा था कि वह मेरे लिए तरह-तरह के सोने के आभूषण बनाएगा। जब मैंने उससे सोना वापस मांगा, तो राजू और उसकी पत्नी ने मुझे मेरा सोना नहीं दिया। वे मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी झूठी खबर फैला दी है कि मैंने सोना उठाकर गांव छोड़ दिया है। दूसरी ओर, जिन लोगों ने पैसा लगाया था, वे भी मुझे बार-बार परेशान कर रहे हैं। इस वजह से हम सामूहिक आत्महत्या कर रहे हैं। पुलिस को राजू कुडतरकर से सोना लेकर उन लोगों को देना चाहिए जिनका मैं कर्जदार हूं। राजू को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
शहापुर पुलिस मामला दर्ज कर तफ्तीश कर रही है।

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By Bharat Ki Awaz

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